- Hindi News
- Lifestyle
- Noida Soya Chaap Viral VIDEO; FSSAI Food Handlers Safety Rules | Hygiene Tips
31 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
- कॉपी लिंक

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक शर्टलेस वर्कर गीले फर्श पर रखे सोया चाप के बैटर में लोटता हुआ नजर आया। वीडियो कथित तौर पर एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का है। इस घटना ने फूड हाइजीन और फूड सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हर दिन लाखों लोग पैकेज्ड फूड खरीदते हैं, ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं और रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं। वे यह भरोसा करते हैं कि खाना बनाने से लेकर परोसने तक साफ-सफाई और फूड सेफ्टी के मानकों का पालन किया गया होगा। लेकिन ऐसे वीडियो लोगों की चिंता बढ़ा देते हैं।
यही नहीं, आए दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से मिलावटी खाने, गंदे माहौल में फूड तैयार करने और खराब हाइजीन से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए फूड क्वालिटी और साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहना जरूरी है।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज फूड हाइजीन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- अनहाइजीनिक तरीके से तैयार फूड खाने से क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
- फूड आउटलेट या रेस्टोरेंट में खाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सपर्ट- डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- अनहाइजीनिक तरीके से बनाए गए फूड के क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
जवाब- अगर हाइजीन का ख्याल न रखा जाए और खाना गंदगी में बने तो ऐसे में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। ये खाने को दूषित कर देते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग और आंतों का संक्रमण समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में रिस्क ज्यादा होता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन गलतियों से फूड कंटैमिनेशन का रिस्क बढ़ जाता है?
जवाब- खाना बनाने, स्टोर करने और परोसने के दौरान हाइजीन मेंटेन न करने से फूड कंटैमिनेशन का रिस्क बढ़ता है। जैसेकि-
- खाना बनाते-परोसते समय हाथ न धुलना।
- गंदे बर्तन या किचन अप्लायंस यूज करना।
- पके हुए खाने को लंबे समय तक बाहर रखना।
- एक ही तेल को बार-बार गर्म करके खाना बनाना।
- कच्चे और पके हुए खाने को साथ रखना।
- खाने को ढककर न रखना।
सवाल- सोया चाप के अलावा बाहर के किन फूड्स में खराब हाइजीन का रिस्क होता है?
जवाब- ऐसे फूड्स, जो बड़े पैमाने पर तैयार किए जाते हैं, उनके दूषित होने का रिस्क ज्यादा होता है। ऐसे फूड्स की लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इन फूड आइटम्स में जोखिम ज्यादा क्यों होता है?
जवाब- इन्हें तैयार और स्टोर करने की प्रक्रिया लंबी होती है। अगर किसी भी स्टेप में साफ-सफाई या फूड सेफ्टी के नियमों का पालन न हो तो खाना दूषित हो सकता है। इसकी मुख्य वजहें हैं-
- तैयार करने के दौरान कई लोगों के हाथों का संपर्क होना।
- कई स्टेप्स में प्रोसेसिंग होना।
- नमी ज्यादा होना। इससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
- जल्दी खराब होने वाले कच्चे पदार्थों का इस्तेमाल होना।
- तैयार खाने को गलत तापमान पर स्टोर करना।
- मशीनों और बर्तनों की ठीक से सफाई न करना।
- कच्चे और पके खाने का आपस में संपर्क (क्रॉस-कंटैमिनेशन) होना।
सवाल- किसी आउटलेट या रेस्टोरेंट में खाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- इस दौरान कुछ बुनियादी चीजें जरूर चेक करें। इससे साफ-सफाई और फूड हाइजीन का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्राफिक में सेफ्टी चेकलिस्ट देखिए-

सवाल- सोया चाप खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- ये सुनिश्चित करने का कोई तरीका नहीं है कि सोया चाप सेफ है या नहीं। इसलिए-
- बाजार से सोया चाप बिल्कुल न खरीदें।
- चाहे रेस्टोरेंट कितना भी नामी या भरोसेमंद हो।
- सोया की कोई भी डिश घर में बनाकर ही खाएं।
सवाल- क्या किसी साफ-सुथरे, अच्छे होटल में भी सोया चाप खाना सेफ नहीं है?
जवाब- नहीं, सिर्फ होटल का साफ-सुथरा दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि सोया चाप सेफ है। दरअसल सोया चाप एक अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड है। इसे कई स्टेप्स में तैयार किया जाता है-
फैक्ट्री में
- सोया चाप बनाया जाता है।
- उबालकर या स्टीम देकर पकाया जाता है।
- ठंडा करके पैक किया जाता है।
- फिर कोल्ड चेन के जरिए सप्लाई की जाती है।
रेस्टोरेंट में
- पैकेज्ड सोया चाप मंगाई जाती है।
- उसे मसालों में मैरिनेट किया जाता है।
- फिर तंदूर, ग्रिल या तवे पर दोबारा पकाकर परोसा जाता है।
इन स्टेप्स में कहीं भी कंटैमिनेशन का रिस्क हो सकता है। इसलिए बाहर सोया चाप खाना सुरक्षित नहीं है।

सवाल- FSSAI के अनुसार, किसी भी रेस्टोरेंट के लिए कौन-से हाइजीन रूल्स फॉलो करना जरूरी है, वरना उनका लाइसेंस कैंसिल हो सकता है?
जवाब- FSSAI ने इसके लिए कई नियम तय किए हैं। जरूरी हाइजीन रूल्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- FSSAI के अनुसार, फूड हैंडलर्स को किन हाइजीन नियमों का पालन करना अनिवार्य है?
जवाब- फूड हैंडलर्स को बुनियादी साफ-सफाई का ख्याल रखना अनिवार्य है। FSSAI ने इसके लिए कई रूल्स तय किए हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- नियमों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
जवाब- उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर फूड सेफ्टी विभाग अलग-अलग कार्रवाई कर सकता है। जैसेकि-
- सुधार नोटिस जारी करना।
- जुर्माना लगाना।
- फूड जब्त या नष्ट करना।
- लाइसेंस सस्पेंड करना।
- लाइसेंस कैंसिल करना।
- गंभीर मामलों में मुकदमा और जेल की सजा का प्रवाधान है।
सवाल- किसी रेस्टोरेंट में गंदगी दिखे तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में वहां खाना न खाएं। जरूरत पड़ने पर इसकी फोटो या वीडियो सबूत के तौर पर रखें और रेस्टोरेंट मैनेजमेंट से शिकायत करें। अगर समस्या गंभीर हो तो राज्य के फूड सेफ्टी विभाग या FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ पोर्टल/एप पर शिकायत दर्ज करें।
सवाल- अगर खाने के बाद कोई हेल्थ प्रॉब्लम हो तो क्या करें?
जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-
- ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
- खुद से एंटीबायोटिक दवा न लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- अगर संभव हो तो बचा हुआ खाना या बिल संभालकर रखें। इससे जरूरत पड़ने पर जांच में मदद मिल सकती है।
सवाल- अनहाइजीनिक फूड की शिकायत कहां और कैसे करें?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ एप या पोर्टल पर शिकायत करें।
- राज्य के फूड सेफ्टी विभाग/फूड सेफ्टी अधिकारी से शिकायत करें।
- शिकायत के साथ फोटो, वीडियो, बिल या रसीद जरूर अपलोड करें।
- जांच सही पाए जाने पर संबंधित आउटलेट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
……………………
जरूरत की ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- स्कूलों के बाहर जंक फूड पर बैन: बच्चों को अनहेल्दी खाने से कैसे रोकें, हेल्दी ईटिंग हैबिट सिखाने के 8 टिप्स

पिछले दिनों महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों और उनके आसपास 50 मीटर के दायरे में जंकफूड की दुकानों पर रोक लगा दी। अब महाराष्ट्र में स्कूलों के भीतर, बाहर और आसपास वड़ा पाव, समोसा, पेस्ट्री, बर्गर, मोमोज जैसे जंक फूड नहीं मिलेंगे। पूरी खबर पढ़िए…

