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सीहोर जिले में बुधवार 12 अगस्त को सुबह से मौसम का मिजाज बदला रहा। जिले के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 0.58 इंच औसत बारिश रिकॉर्ड हुई। सबसे ज्यादा बारिश भैरूंदा क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 1.61 इंच पानी बरसा। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। भैरूंदा में सबसे ज्यादा 1.61 इंच बारिश 12 अगस्त को हुई बारिश के तहसीलवार आंकड़ों में भैरूंदा सबसे आगे रहा। यहां 1.61 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जिला मुख्यालय सीहोर में 1 इंच, जबकि रेहटी में 0.87 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। अन्य क्षेत्रों में आष्टा और इछावर में 0.35-0.35 इंच, जावर में 0.31 इंच, बुधनी में 0.12 इंच और श्यामपुर में 0.04 इंच बारिश दर्ज की गई। मानसून सीजन में अब तक 25.55 इंच बारिश 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक जिले में कुल औसत बारिश 25.55 इंच तक पहुंच गई है। क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो रेहटी में अब तक सबसे ज्यादा 28.76 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं सीहोर शहर में मानसून सीजन के दौरान 27.85 इंच बारिश हो चुकी है। कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ का असर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी प्रदेश के मध्य हिस्सों से होकर गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण सीहोर और आसपास के जिलों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसी सिस्टम के प्रभाव से जिले में बादल छाने और रुक-रुककर बारिश का दौर बना हुआ है। अगले 24 से 48 घंटे बारिश के लिहाज से अहम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान सीहोर जिले में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अचानक तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। 2-3 दिन कुछ इलाकों में भारी बौछारों के आसार आगामी दो से तीन दिनों तक जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश या तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे पिछले दिनों की गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल सकती है। किसानों के लिए बारिश अहम मानसून सीजन में बारिश का यह दौर खेती के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में खरीफ फसलों के लिए बारिश का पानी उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, तेज बारिश की स्थिति में खेतों में पानी भरने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थानीय परिस्थितियां भी बन सकती हैं। आगे भी बना रहेगा बारिश का दौर फिलहाल जिले में मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। कम दबाव के क्षेत्र, मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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सीहोर में बदला मौसम का मिजाज:12 अगस्त को 0.58 इंच औसत बारिश, भैरूंदा में सबसे ज्यादा 1.61 इंच; अगले 2-3 दिन तेज बारिश के आसार
