पानीपत5 मिनट पहले
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प्रतीकात्मक फोटो।
हरियाणा के पानीपत जिले के किला थाना क्षेत्र में मसाज सेंटर की आड़ में नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार के काले धंधे में धकेलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोपियों के चंगुल में फंसी 17 वर्षीय नाबालिग पीड़िता वर्तमान में 4 माह से अधिक की गर्भवती भी है। पीड़िता के परिजनों द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की गई शिकायत के बाद किला थाना पुलिस ने मुख्य आरोपियों सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और पोक्सोएक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
नाबालिग को झांसा देकर अवैध धंधे में धकेला
पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, 17 वर्षीय पीड़िता अक्टूबर 2025 से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब चल रही थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की और थाने में भी गुहार लगाई, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने मामले की गहराई से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान परिजनों को पता चला कि उनकी बेटी एक संगठित गिरोह के चंगुल में फंस चुकी है, जो मसाज सेंटर चलाने के बहाने नाबालिग लड़कियों से अनैतिक काम करवाता है।

किला थाना पुलिस ने देह व्यापार की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी नेहा उर्फ कविता और उसका पति राजन कंसल तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर व विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद इन लड़कियों को अन्य सहयोगियों के माध्यम से गलत काम के लिए आगे धकेला जाता है। कानूनी शिकंजे से बचने के लिए यह गिरोह विशेष रूप से नाबालिग लड़कियों को अपना निशाना बनाता था ताकि पकड़े जाने पर पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके।
नामजद आरोपियों का विवरण
पीड़िता के परिवार द्वारा दी गई शिकायत में पांच मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है, जो इस अवैध देह व्यापार और नेटवर्क को संचालित करने में शामिल हैं। इनमें नेहा उर्फ कविता (मुख्य आरोपी), राजन कंसल (नेहा का पति), मोहन लाल, शैंकी कुमार और इंडी शामिल है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी नेहा और राजन कंसल लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाते थे और आरोपी संख्या 3 से 5 को सप्लाई करते थे, जो मसाज सेंटर के नाम पर सेक्शुअल रैकेट चला रहे थे।
तबीयत बिगड़ने पर हुआ खुलासा, 4 माह की गर्भवती है पीड़िता
गुमशुदगी के बाद जब पीड़िता के संबंध में परिजनों को जानकारी मिली, तो यह बात भी सामने आई कि पीड़िता 4 माह से अधिक की गर्भवती है। पीड़िता की शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने तुरंत पुलिस के उच्च अधिकारियों के पास पहुंचकर गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती चरण में स्थानीय स्तर पर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया था, लेकिन पुलिस DSP के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया गया और आपराधिक मामला पंजीकृत किया गया।

