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हरियाणा के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार राय के साथ गोरखपुर के एक होटल में ऐसा वाकया हुआ, जिसे वह शायद ही कभी भूल पाएंगे। होटल के कमरे के बाथरूम में जाते ही दरवाजा लॉक हो गया। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला और वह करीब एक घंटे तक बाथरूम में फंसे रहे। इस दौरान घबराहट और तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। दरवाजा खोलने की कोशिश में उनके कंधे का दर्द भी बढ़ गया। मामला चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा। आयोग ने होटल प्रबंधन को सेवा में लापरवाही का दोषी मानते हुए 15 हजार रुपये हर्जाना देने के निर्देश दिए हैं। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गोरखपुर पहुंचे आलोक कुमार राय वर्ष 1991 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं। वह हरियाणा में पुलिस महानिदेशक जेल के पद पर भी रह चुके हैं। फरवरी 2026 में वह गोरखपुर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होने गए थे। उन्होंने 8 फरवरी को रेडिसन ब्लू होटल में एक रात के लिए कमरा बुक किया था। इसके लिए उन्होंने 15,340 रुपये का भुगतान किया था। होटल में ठहरने के दौरान जब वह बाथरूम में गए तो अचानक दरवाजा लॉक हो गया। काफी कोशिश नहीं खुला दरवाजा बाथरूम का दरवाजा लॉक होने के बाद आलोक कुमार राय ने उसे खोलने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वह अंदर ही फंसे रहे। करीब एक घंटे तक बाहर नहीं निकल पाने के कारण उनकी परेशानी बढ़ती गई। बाद में होटल स्टाफ की मदद से उन्हें बाथरूम से बाहर निकाला गया। जांच के दौरान सामने आया कि बाथरूम के दरवाजे का लॉक खराब था। आयोग में दायर शिकायत के अनुसार, बाथरूम में होटल से संपर्क करने के लिए फोन तो लगा हुआ था, लेकिन जरूरी संपर्क नंबरों की कोई सूची या निर्देशिका नहीं थी। आलोक कुमार ने होटल से संपर्क करने के लिए अलग-अलग नंबर मिलाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिल सकी। आखिर में उन्होंने 555 नंबर डायल किया। इससे होटल के कर्मचारियों से संपर्क हुआ। जानकारी मिलते ही होटल स्टाफ उनके कमरे में पहुंचा और उन्हें बाथरूम से बाहर निकाला। कंधे का दर्द-घबराहट बढ़ी एडवोकेट रमन सिहाग ने बताया आलोक कुमार पहले से कंधे के दर्द और उच्च रक्तचाप की समस्या से परेशान थे। बाथरूम में करीब एक घंटे तक बंद रहने के दौरान उनका दर्द और बेचैनी बढ़ गई। बंद जगह में फंसे होने के कारण उन्हें घबराहट और तनाव का सामना करना पड़ा। उनका आरोप था कि इस घटना के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई और उनका रक्तचाप भी बढ़ गया। इसके अलावा होटल से निकलने में हुई देरी के कारण वह जिस पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, वहां करीब तीन घंटे देर से पहुंचे। इससे उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। होटल ने माफी मांगी मुआवजा नहीं दिया आलोक कुमार के मुताबिक, घटना के बाद होटल प्रबंधन ने उनसे माफी मांगी थी। हालांकि, उनके अनुसार होटल की ओर से इस लापरवाही के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग में होटल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दायर की। उनकी ओर से अधिवक्ता रमन सिहाग और सुरेश गौड़ ने आयोग के सामने पक्ष रखा। सेवा में लापरवाही का दोषी माना मामले की सुनवाई के बाद चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने रेडिसन होटल्स (साउथ एशिया) प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी माना। आयोग ने होटल प्रबंधन को शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपये हर्जाना देने के निर्देश दिए हैं। आयोग के इस फैसले के बाद होटल में मेहमानों की सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। खासकर बाथरूम के दरवाजे के लॉक की नियमित जांच और आपात स्थिति में होटल स्टाफ से संपर्क करने की व्यवस्था को लेकर लापरवाही सामने आई है।
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चंडीगढ़ आयोग का रिटायर्ड आईपीएस के हक में फैसला:प्रबंधन पर 15 हजार हर्जाना लगाया, गोरखपुर के होटल के बाथरूम में एक घंटा फंसा रहा
