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चतरा जेल में बंद कैदी की संदिग्ध परस्थिति में मौत:जेल प्रशासन ने बताया आत्महत्या; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, आर्म्स एक्ट में था बंद




चतरा मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी मंटू गंझू उर्फ दिलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि मृतक के परिजनों ने जेल अधीक्षक, कक्षपाल और अन्य जेल कर्मियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र का रहने वाला था। करीब दो साल से आर्म्स एक्ट के मामले में चतरा जेल में बंद था। जेल प्रशासन के अनुसार मंटू ने जेल के अंदर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे तत्काल चतरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही जेल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं, घटना की जानकारी परिवार तक पहुंचने के बाद परिजन भी चतरा पहुंचे। खबर से जुड़ी तस्वीरें देखें… कर्मियों पर लगाया हत्या का आरोप मंटू के भाई सेंटू सिंह और अन्य परिजनों ने जेल प्रशासन की आत्महत्या की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि जेल अधीक्षक, कक्षपाल और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर मंटू की हत्या की है। इस संबंध में परिजनों ने सदर थाने में आवेदन देकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ही उनकी मंटू से मुलाकात हुई थी। उस समय ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी, जिससे यह लगे कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मंटू किसी बीमारी या परेशानी से जूझ रहा था, तो जेल प्रशासन ने परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। जानकारी के अनुसार कुंदा थाना क्षेत्र के हिंदिया कला में ग्रामीणों ने उसे लेवी वसूलने और धमकाने के आरोप में हथियार के साथ पकड़ा था। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया था। मेडिकल बोर्ड कर रहा पोस्टमार्टम मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। प्रशासन की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बोर्ड में मजिस्ट्रेट के रूप में हंटरगंज सीओ रितिक कुमार के अलावा सदर अस्पताल के तीन वरीय चिकित्सकों को शामिल किया गया है। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया मेडिकल बोर्ड की निगरानी में की जा रही है, ताकि मौत के कारणों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके। फिलहाल जेल प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी इस मामले में कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने से बच रहे हैं। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मंटू की मौत आत्महत्या थी या उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई।



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