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वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान गोली चलने की वारदात ने एयरपोर्ट स्क्रीनिंग जोन की पोल खोल दी। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के सुरक्षा मानकों और एयरपोर्ट्स के इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘नॉट-लोडेड’ पिस्टल का दावा करने वाले शिवसेना नेता 5 घंटे की पूछताछ में पिस्टल लोडिंग की गलती नहीं बता पाया। शिवसेना नेता और पूर्व पार्षद कमलेश राय से पुलिस ने 21 कारतूस पुलिस ने बरामद किए हैं। एयरपोर्ट पर कर्मचारियों को घायल करने वाली गोली के खोखे की तलाश अब तक जारी है। उधर, आरोपी कमलेश को गिरफ्तारी के बाद शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई तो शुरू कर दी गई है, लेकिन भविष्य में ऐसी जानलेवा लापरवाही रोकने के लिए एयरपोर्ट्स पर नो-फ्लाई लिस्ट जैसे कड़े दंडात्मक प्रावधान भी करने की तैयारी है। अनट्रेंड हाथों में SOP, लाइव राउंड ने मचाई दहशत अनट्रेंड हाथों में SOP की अनदेखी भी सामने आई। सही मायने में एयरपोर्ट स्क्रीनिंग जोन में बूथ-काउंटर पर बिना खोले ‘सैंडबैग’ की जांच किए जाने का मामला भी सामने आया, जिसके बाद दनदनाती गोली ने हड़कंप मचा दिया। खामियों की जिम्मेदारी लेने वाले अब कॉलर बचाने में जुटे हैं। विमान यात्रियों की ओर से सुरक्षा के लिए हवाई अड्डों के स्क्रीनिंग जोन में बुलेटप्रूफ स्क्रीन या बैलिस्टिक बैरियर की जरूरत के साथ ग्राउंड स्टाफ को हथियारों की बेसिक जानकारी दिए जाने की मांग की गई है। सबसे पहले जानिए वारदात… वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार सुबह करीब 9:30 बजे आजमगढ़ के निवासी और मुंबई में शिवसेना नेता यात्री कमलेश राय पत्नी के साथ एअर इंडिया एक्सप्रेस की IX-1810 फ्लाइट से मुंबई जा रहे थे। उन्होंने विमान में ले जाने वाले हथियार को पहले ही डिक्लेयर किया था। हथियार की जांच के दौरान चैंबर में गोली चली गई और ट्रिंगर दबाते ही एक राउंड फायर हो गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी की सूचना पर पहुंची पुलिस को कमलेश के पास से पिस्टल समेत 21 कारतूस मिले। करीब 5 घंटे तक पूछताछ के बाद फूलपुर पुलिस उन्हें थाने ले गई। आजमगढ़ के रहने वाले कमलेश शिवसेना नेता हैं। वह मुंबई में पूर्व पार्षद रह चुके हैं। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और धनंजय सिंह के साथ तस्वीरें डाल रखी हैं। गोली पहले फर्श से टकराई और फिर पास में मौजूद महिला कर्मचारी बिहार के गया की रहने वाली सुमन (32) की जांघ में लगी। गोली के छर्रे रोहित राज के हाथ में लगे। दोनों खून से लथपथ हो गए। दोनों को तुरंत ही इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। एयरपोर्ट (बाबतपुर) के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया पिस्टल लेकर सफर करने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। स्वतंत्रता दिवस के चलते एयरपोर्ट को 11 से 20 अगस्त तक हाईअलर्ट जोन घोषित किया गया था। कमलेश मुंबई में पूर्व पार्षद रह चुके, आजमगढ़ में कॉलेज चलाते हैं कमलेश राय मूल रूप से आजमगढ़ में जीयनपुर के रामगढ़ गांव के रहने वाले हैं। वह मुंबई में पूर्व पार्षद रह चुके हैं। उनके बेटे रितेश राय वर्तमान में पार्षद हैं। उनकी मां प्रधान हैं। कमलेश का रामगढ़ सगड़ा में खुद का बाबू शिवपत्तर राय स्मारक महाविद्यालय कॉलेज है। वह इसके प्रबंधक हैं। कमलेश हमेशा 2 सुरक्षाकर्मियों के साथ चलते हैं। उनके नाम पिस्टल और राइफल समेत तीन लाइसेंस हैं। बेटे के नाम 3 और भाई शैलेश राय के नाम 1 लाइसेंस है। कमलेश के खिलाफ मुंबई में अगस्त 2025 में रंगदारी का मुकदमा दर्ज हुआ था। घायल बोला- जानबूझकर ट्रिगर दबाया या गलती से, बता नहीं सकता एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी स्कैनर कर्मी रोहित ने बताया कि सुमन के साथ हथियार की जांच के लिए एक्स-रे करने काउंटर पर पहुंचा था। यात्री ने अपनी पिस्टल निकाली। उसमें पहले से गोली लोड थी। चेकिंग के दौरान यात्री ने ट्रिगर दबा दिया। उस समय सुमन ठीक सामने थीं, इस वजह से गोली सुमन के पैर में लगी, जबकि मेरे पैर में छर्रे लग गए। रोहित का कहना है कि यात्री ने जानबूझकर ट्रिगर दबाया या गलती से ऐसा हुआ, यह नहीं बता सकता। हालांकि, आरोपी कमलेश ने पुलिस पूछताछ में बताया कि पिस्टल के चैंबर में गोली चिपकी हुई थी। मुझे लगा कि गोली नहीं है। लेकिन, ट्रिगर दबाते ही गोली चल गई। जानिए वाराणसी एयरपोर्ट सुरक्षा के कमजोर पहलू, जिसके कारण हुई वारदात लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ‘एविऐशन सिक्योरिटी सिस्टम’ खामियां उजागर हुई हैं। यात्रियों के लगेज की जांच अनट्रेंड सुरक्षाकर्मियों (AAICLAS स्क्रीनर्स) सुमन कुमारी और रोहित राज कर रहे थे। सैंडबैग्स और बैलिस्टिक शील्ड की अनुपस्थिति की बात भी सामने आई है। यात्री ने दावा किया था कि उसकी पिस्टल अनलोड यानी खाली है ट्रिगर दबाते ही चेंबर में फंसा लाइव राउंड चल गया और जमीन से टकराकर दोनों स्क्रीनर्स को जा लगा। चेक-इन काउंटर पर सिर्फ उसकी डिक्लेरेशन और सीलिंग की प्रक्रिया होती है। पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जब किसी लाइसेंसी हथियार की जांच की जाती है, तो वहां किसी भी अनहोनी से निपटने के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, जाे एयरपोर्ट के उस सेक्शन में नहीं दिखे। हालांकि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। बिना ‘वेपन क्लीयरिंग एरिया’ के खुले में जांच नागरिक उड्डयन सुरक्षा से जुड़े नियमों के मुताबिक, किसी भी एयरपोर्ट पर लाइसेंसी हथियार की जांच खुले में या पैसेंजर एरिया या फिर सामान्य चेक-इन काउंटर पर नहीं की जा सकती। इसके लिए एक अलग ‘वेपन क्लीयरिंग बूथ’ या सैंडबैग होना अनिवार्य होता है। जानकारों का कहना है कि अगर जांच या अनलोडिंग के दौरान गलती से गोली चल भी जाए तो वह रेत की बोरी या बैलिस्टिक बैरल में फंस जाए। वाराणसी एयरपोर्ट पर यह पूरी प्रक्रिया वहीं पर की जा रही थी जहां पर काफी संख्या में यात्री मौजूद थे। ऐसे में ट्रिगर दबने के बाद पिस्टल के चेंबर में फंसी गोली फायर हुई और पिस्टल से निकलकर पहले फर्श से टकराई और रिकोशे होकर पास में खड़े कर्मचारियों को लग गई। चर्चा यह भी है कि क्या इन कर्मचारियों को आधुनिक हथियारों की बनावट, कॉकिंग, हैमर रिलीज और अनलोडिंग की कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। अफसर पूरी वारदात पर खामोश फूलपुर पुलिस ने आरोपी कमलेश राय के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर पिस्टल और 21 कारतूसों को जब्त कर ली है। इस बारे में फूलपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि यात्री से अधिकारियों ने पूछताछ की उसके बाद यात्री के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। यात्री की ट्रैवल हिस्ट्री और आपराधिक इतिहास तलाशे जा रहे हैं। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीआईएसएफ को बिना बताए शुरू कर दी पिस्टल की जांच वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हुई फायरिंग ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ-साथ टर्मिनल में मौजूद यात्रियों की जान भी खतरे में डाल दी थी। नियमों की मानें तो कोई भी लाइसेंसी हथियार पकड़े जाने पर तुरंत सीआईएसएफ कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए। लेकिन यहां कर्मचारियों नेसीआईएसएफ को जानकारी दिए बिना ही खुले काउंटर पर जांच शुरू कर दी थी। हवाई यात्रा में असलहा ले जाने के ये हैं नियम नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो यानी बीसीएएस के नियमों के अनुसार हवाई यात्रा में लाइसेंसी असलहा ले जाने की प्रक्रिया थोड़ी कठिन है। टिकट बुकिंग के समय ही यात्री को असलहा और कारतूस ले जाने की जानकारी देनी होती है। इसके अलावा वैध लाइसेंस भी दिखाना पड़ता है। टर्मिनल में प्रवेश से पहले ही असलहा को अनलोड करना पड़ता है। उसके बाद एयरपोर्ट पर असलहा और कारतूस को जांच के बाद सीलबंद बॉक्स में पैक कर कार्गो के माध्यम से भेजा जाता है। हाई-अलर्ट के सरकारी दावों की हवा निकली स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से देश के सभी हवाई अड्डों सहित वाराणसी एयरपोर्ट को भी 11 से 20 अगस्त तक ‘हाई-अलर्ट जोन’ घोषित किया गया था। जब पूरा एयरपोर्ट परिसर हाई-अलर्ट पर था और सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद होने का दावा कर रही थीं। तब एक यात्री लाइव कारतूस चेंबर में लोड की हुई पिस्टल लेकर टर्मिनल बिल्डिंग के स्क्रीनिंग जोन तक कैसे पहुंच गया। साफ दिखा कि केवल कागजों और आम यात्रियों की सघन चेकिंग तक ही सीमित था और औपचारिक जांच में सिमट गया।
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वाराणसी-'नॉट-लोडेड' पिस्टल से चली गोली, एयरपोर्ट स्क्रीनिंग पर उठे सवाल:21 कारतूस मिले, 22वां खोखा लापता; शिवसेना नेता से 4 घंटे हुई पूछताछ
