एसआईआर प्रक्रिया के तहत पब्लिक की शिकायतों का निवारण करते हुए बीएलओ
पंजाब में SIR-2026 का दूसरा चरण शुरू हो गया। चुनाव आयोग ने अनमैप्ड वोटर्स को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए। चीफ इलेक्शन अफसर पंजाब ने अनमैप्ड वोटर्स को आश्वस्त किया है कि वो नोटिस से घबराएं नहीं बल्कि तय डॉक्यूमेंट जमा करवाकर अपनी वोट मैप्ड करवाएं।
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वोटर्स को अपनी वोट मैप करवाने के लिए उम्र के हिसाब से दस्तावेज जमा करवाने होंगे। आयोग के नियमों के मुताबिक 1987 से पहले पैदा हुए लोगों को अपनी वोट मैप करवाने के लिए सिर्फ अपना एक दस्तावेज देना होगा।
वहीं 1987 से दिसंबर 2004 के बीच पैदा हुए लोगों को एक दस्तावेज अपना और दूसरा माता-पिता में से एक का कोई भी दस्तावेज जमा करवाना होगा। वहीं जो वोटर 2004 के बाद पैदा हुए हैं उनको कुल तीन दस्तावेज देने होंगे, जिसमें से एक अपना और एक-एक दस्तावेज माता-पिता का जमा करवाना होगा।
अगर आपका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में है लेकिन फिर भी वोट मैप नहीं हुई है, तो इसका मतलब है कि नाम या अन्य पर्टिकुलर्स में गलतियां हैं। उन्हें भी विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जा रहा है। उन्हें भी उम्र के हिसाब से दस्तावेज जमा करने होंगे।

एआई जनरेटेड
किस ऐज ग्रुप को क्या-क्या दस्तावेज देने होंगे जानिए…
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वाले मतदाता: यदि ERO द्वारा दस्तावेज की मांग की जाती है, तो इस श्रेणी के मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान साबित करने के लिए अपने नाम का केवल 1 आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इसके उदाहरण के रूप में जन्म प्रमाणपत्र, भारतीय पासपोर्ट या मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले मतदाता: इस आयु वर्ग में आने वाले नागरिकों को सत्यापन के लिए कुल 2 दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इसमें से एक दस्तावेज स्वयं मतदाता का और दूसरा दस्तावेज उनके माता या पिता में से किसी एक का होना अनिवार्य है।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाता: इस श्रेणी के युवा मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए कुल 3 दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें पहला दस्तावेज स्वयं मतदाता का, दूसरा उनके पिता का और तीसरा उनकी माता का होना आवश्यक है।
- 2003 की वोटर लिस्ट में नाम होने पर बड़ी राहत: यदि आपका या आपके माता-पिता का नाम 1 जनवरी 2003 की पुरानी मतदाता सूची में दर्ज है, तो यह SIR प्रक्रिया में सबसे मजबूत साक्ष्य माना जाता है। आयोग के नियमों के अनुसार, 2003 के रिकॉर्ड में नाम मिलने पर उसी आधार पर मैपिंग पूरी कर ली जाती है और मतदाता को माता-पिता से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने से छूट मिल सकती है। इसीलिए पंजाब के सभी मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे सबसे पहले CEO पंजाब की वेबसाइट पर जाकर “Search in Last SIR 2003” विकल्प का उपयोग करें।

दस्तावेजों की सूची— किस ऑबजेक्शन के लिए क्या दस्तावेज देना है जानिए…
- जन्मतिथि से संबंधित सवाल या आपत्ति होने पर: यदि आपकी उम्र या जन्मतिथि पर सत्यापन मांगा गया है, तो ऐसा कागजात जमा करें जिसमें DOB स्पष्ट रूप से दर्ज हो। इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र, भारतीय पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड का कक्षा 10वीं/12वीं का प्रमाणपत्र, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत किया जा सकता है।
- जन्मस्थान या पात्रता से जुड़ी जांच होने पर: यदि आपके भारत में जन्मस्थान या नागरिकता की पात्रता की जांच है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवासी प्रमाणपत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी का निवास प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, या सरकारी/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार किया गया फैमिली रजिस्टर बेहद उपयोगी साबित होता है।
- माता-पिता से जुड़ा रिकॉर्ड मांगे जाने पर: यह पूरी तरह आपकी जन्मतिथि पर निर्भर करेगा। 1987 से पहले के जन्म पर केवल स्वयं का दस्तावेज, 1987 से 2004 के बीच केवल एक अभिभावक (माता या पिता) का दस्तावेज, और 2004 के बाद के जन्म पर माता और पिता दोनों के दस्तावेज लगेंगे। हालांकि, यदि माता-पिता का नाम 2003 के रिकॉर्ड में मौजूद है, तो पुराने चुनावी रिकॉर्ड के लिंक का हवाला देकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
- पुराने SIR रिकॉर्ड से नाम मैच न होने पर: यदि केवल पुराना मैपिंग रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, तो ध्यान रखें कि केवल वर्तमान Voter ID कार्ड दिखाना पर्याप्त नहीं होगा। आपको नोटिस में उल्लेखित निर्देशों के अनुसार पुराने रिकॉर्ड से अपना पारिवारिक संबंध स्थापित करने वाले कागजात तैयार रखने होंगे।

नोटिस मिलने के बाद क्या करें और ऑनलाइन प्रक्रिया
नोटिस मिलते ही सबसे पहले उसकी कॉपी को ध्यान से पढ़ें और उसमें दिए गए सत्यापन के कारणों को समझें। इसके बाद 2003 की लिस्ट में अपना या माता-पिता का नाम खोजें और अपनी आयु वर्ग के अनुसार जरूरी कागजात स्व-प्रमाणित करके ERO/AERO कार्यालय में तय तिथि तक जमा करें। यदि आप भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, तो ECI के Voter Service Portal या CEO पंजाब की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करके भी अपना जवाब और दस्तावेज डिजिटल रूप से अपलोड कर सकते हैं। ऑनलाइन जवाब देने के बाद मिलने वाली रसीद को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें। यदि किसी मतदाता को प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई या असमंजस हो, तो वह राज्य चुनाव हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।
