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शिमला जिले के रामपुर बुशहर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मंदिरों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर को पकड़ने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। रामपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के मुख्य आरोपी
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एक ही रात में तीन मंदिरों को बनाया था निशाना
यह सनसनीखेज चोरी 14 अगस्त की रात को हुई थी। शातिर चोर ने रामपुर बाजार में स्थित प्रसिद्ध श्री संकट मोचन महावीर मंदिर, नाडू बावड़ी स्थित शनि धाम और एक अन्य संकट मोचन मंदिर को अपना निशाना बनाया था। आरोपी ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर एक के बाद एक तीनों मंदिरों के ताले चटकाए और अंदर रखे भारी दानपात्रों (गोलक) को चुराकर रफूचक्कर हो गया।
चोर ने मंदिर परिसर से दूर सुनसान जगह पर जाकर दानपात्रों के ताले तोड़े, उनमें रखी तमाम नकदी निकाली और खाली दानपात्रों को वहीं झाड़ियों में फेंक कर फरार हो गया था।
सीसीटीवी फुटेज से खुला आरोपी का राज
मंदिरों में हुई इस बेअदबी और चोरी की घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी रोष था। मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर रामपुर सिटी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) (रात में घर में जबरन घुसना/चोरी) और 305 (पूजा स्थल पर चोरी) के तहत मुकदमा (अभियोग संख्या 81/2026) दर्ज किया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और मंदिरों सहित आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। फुटेज की तकनीकी जांच और हुलिए के आधार पर आरोपी सौरव की पहचान सुनिश्चित की गई।
पुलिस को चकमा देने के लिए बदल रहा था ठिकाने, लुधियाना में घेराबंदी
पहचान होने के बाद आरोपी सौरव पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल लोकेशन बदल रहा था। वह कुल्लू और शिमला के पहाड़ी इलाकों से भागकर पंजाब की तरफ निकल गया। रामपुर पुलिस ने हार न मानते हुए लगातार उसका पीछा किया और आखिरकार अथक प्रयासों के बाद 20 अगस्त को उसे लुधियाना से चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
पुलिस अब आरोपी को रामपुर लाकर अदालत में पेश करेगी और रिमांड हासिल कर चोरी की गई कुल नकदी की बरामदगी करेगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी उसके साथ शामिल था।
