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उदयपुर के कालका माता रोड स्थित पंजाबी बाग क्षेत्र में करीब 7 हजार वर्गफुट जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। जमीन मालिक ने पुलिस-प्रशासन और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़ित धर्मेंद्रपाल शारदा ने आरोप लगाया कि मेरी खातेदारी की जमीन पर कथित रूप से कब्जा करने की नीयत से बंटवारे और नक्शों में हेरफेर की गई है। 1998 में खरीदी थी 10 हजार वर्गफुट जमीन धर्मेंद्रपाल शारदा ने बताया- मैंने साल 1998 में पंजाबी बाग क्षेत्र में जगदीशलाल पंड्या से करीब 10 हजार वर्गफुट जमीन खरीदी थी। इसके बाद साल 2003 में पैसों की जरूरत होने पर उन्होंने इसमें से करीब 2700 वर्गफुट जमीन बेच दी थी। इसके अलावा करीब 7 हजार वर्गफुट जमीन अब भी मेरी खातेदारी में दर्ज है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने मेरे लंबे समय तक बीमारी और बेड रेस्ट पर रहने का फायदा उठाकर दस्तावेजों में गड़बड़ी की कोशिश की। दूसरे पक्ष ने भी पेश किया दावा इस जमीन को लेकर डॉ. रतीलाल मीणा ने अपने बेटे आयुष मीणा के जरिए दावा पेश करते हुए पुलिस और पटवारी के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। मामला बढ़ने के बाद आईजी के निर्देश पर सुखेर थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है। शारदा का कहना है कि साल 2007 में आयुष मीणा ने राज ओझा से करीब 3700 वर्गफुट जमीन खरीदी थी। इसके बाद उस भूखंड की सीमाओं को लेकर विवाद खड़ा हुआ। मौके पर पुलिस और यूडीए टीम ने की थी तस्दीक शिकायत के बाद पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए यूडीए तहसीलदार कार्यालय से मौका तस्दीक करवाई थी। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी, यूडीए पटवारी पंकज जोशी, रतीलाल मीणा, धर्मेंद्रपाल शारदा और अधिवक्ता प्रवीण सिंह आसोलिया की मौजूदगी में जांच की गई थी। जांच के दौरान आराजी नंबर 377 और 386 पर धर्मेंद्रपाल की खातेदारी और आराजी नंबर 383 व 378 में आयुष मीणा का भूखंड पाया गया था। पीड़ित ने मांग की है कि सभी पुराने दस्तावेज, नक्शे और खातेदारी रिकॉर्ड की जांच कर फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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पंजाबी-बाग में 7 हजार वर्गफुट जमीन पर कब्जे का आरोप:जमीन मालिक का आरोप- बीमारी में बेड रेस्ट पर की दस्तावेजों और नक्शों में हेरफेर
