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Mukul Dahiya Doping Controversy | Asian Games Medal Hope Banned


8 मिनट पहले

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भारतीय रेसलर मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। NADA ने उन पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

दहिया 86 किलोग्राम वेट कैटेगरी में खेलते हैं। वे सितंबर महीने में जापान में होने वाले एशियन गेम्स में भारत की मेडल होप थे।

मेफेंटरमाइन स्टिमुलेंट टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए दहिया

दहिया मेफेंटरमाइन स्टिमुलेंट के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। भारतीय दल के पास इस मामले से निपटने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।

दहिया इस समय आर्मेनिया के येरेवान में हैं, जहां भारत के एशियन गेम्स के लिए चुने गए फ्रीस्टाइल पहलवान एक्सपोजर कैंप में शामिल हैं।

एशियन चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर

दहिया ने 2026 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर 86 किलो वर्ग में भारत के उभरते पहलवान के रूप में पहचान बनाई थी।

उनके निलंबन के बाद एशियन गेम्स की 86 kg वेट कैटेगरी में भारत का हिस्सा लेना मुश्किल हो गया है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) एशियाड के लिए अपनी अंतिम टीम पहले ही भेज चुका था, इसलिए विकल्प पर विचार करने के लिए उसके पास बहुत कम समय बचा है।

दीपांशु के बाद कुश्ती में दूसरा डोपिंग मामला

दहिया का मामला एशियन गेम्स के लिए चुने गए एक और पहलवान के निलंबन के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है। ग्रीको-रोमन पहलवान दीपांशु को 130 किलो वर्ग में प्रतियोगिता से बाहर कराए गए टेस्ट के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था।

उस मामले में WFI ने दीपांशु की जगह रोनक दहिया को टीम में शामिल कर दिया था। रोनक ने 31 मई को लखनऊ में हुए चयन ट्रायल्स में दीपांशु के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था।

हालांकि, इस बार फेडरेशन के पास कार्रवाई करने की गुंजाइश काफी कम दिखाई दे रही है।

अब प्लेयर्स की एंट्री में बदलाव करना मुश्किल

WFI ने चुने गए पहलवानों की अंतिम सूची जून के पहले हफ्ते में इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन को भेज दी थी। ऐसे में 86 किलो वर्ग की एंट्री में आखिरी समय पर बदलाव करना मुश्किल दिख रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फेडरेशन को दहिया के अस्थायी निलंबन का पता तब चला, जब 4 अगस्त को अपडेटेड NADA सस्पेंशन लिस्ट में उनका नाम दिखाई दिया।

दीपांशु के मामले के उलट WFI को इतनी जल्दी जानकारी नहीं मिली कि वह उनकी जगह किसी पहलवान को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर सके।

दीपांशु के मामले में फेडरेशन को करीब 20 जुलाई को जानकारी दे दी गई थी। इससे उसे समयसीमा से पहले जरूरी बदलाव करने का मौका मिल गया था।

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