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पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं




दिग्गज अभिनेत्री और भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जायसवाल का निधन हो गया है। उन्होंने 22 अगस्त को शाम करीब 7:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके बेटे आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर इस बात की जानकारी दी। आकाश ने अपनी मां को एक ‘कर्मठ लोह-महिला’ बताते हुए लोगों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। आशा सिंह जायसवाल का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को सुबह 10 बजे मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। बेटे आकाश ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
आशा सिंह जायसवाल के बेटे आकाश भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर अपनी मां के काम को याद किया। उन्होंने लिखा कि उनकी मां के लिए उनका काम ही सब कुछ था। आकाश ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर उनकी मां के काम को जरूर देखें और याद रखें, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी मां का संदेश था कि मृत्यु का दुख मनाने के बजाय आनंद महसूस करना चाहिए। भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट के रूप में मिली पहचान
आशा सिंह जायसवाल को भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट माना जाता है। वे हिंदी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी की आवाज की नकल करने के लिए पहचानी जाती थीं। इसके अलावा उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में एक्टिंग भी की थी। एक्टिंग के साथ-साथ वे लगातार सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रहीं। मुंबई के विले पार्ले में हुआ अंतिम संस्कार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशा सिंह जायसवाल का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को सुबह 10 बजे मुंबई के विले पार्ले वेस्ट स्थित पवन हंस श्मशान घाट में किया गया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य और करीबी लोग मौजूद रहे। आशा सिंह जायसवाल एक एंटरप्रेन्योर भी थीं। उन्होंने ‘आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स’ नाम की कंपनी बनाई थी, जिसकी वे फाउंडर और ऑपरेटर थीं। इस कंपनी के जरिए वे कई सांस्कृतिक और इवेंट्स आयोजित करती थीं। जीवन के आखिरी दिनों तक वे अपने काम से जुड़ी रहीं।



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