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संत प्रेमानंद महाराज के प्रति आस्था की अनूठी तस्वीर:हरिद्वार से दंडवती कांवर यात्रा पर निकला युवक, फरीदाबाद के युवक ने कहा महाराज जी हमेशा रहे स्वस्थ




सावन माह में संत प्रेमानंद महाराज के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए युवक दंडवती यात्रा कर रहा है। 350 किलोमीटर की दंडवती कांवर यात्रा कर रहे युवक की इच्छा है कि संत प्रेमानंद महाराज हमेशा स्वस्थ रहें और लोगों के जीवन में अपने संदेशों से परिवर्तन लाते रहें। फरीदाबाद का युवक हरिद्वार से गंगा जल कांवर में लेकर वृंदावन पहुंचा है। संत प्रेमानंद को 3 साल से कर रहे फ़ॉलो हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले रमण संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से इतने प्रभावित हुए कि वह 3 साल से उनको फॉलो करने लगे। रमण जब भी समय मिलता है वह संत प्रेमानंद महाराज के दर्शनों के लिए वृंदावन चले आते हैं। रमण का कहना है कि संत प्रेमानंद महाराज जो प्रवचन करते हैं उनसे जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उनके प्रवचनों ने जीवन में बहुत बदलाव आया है। स्वास्थ्य बिगड़ता है तो लगता है डर दंडवती कांवर यात्रा करते हुए वृंदावन पहुंचे रमन ने बताया कि संत प्रेमानंद महाराज का जब भी स्वास्थ्य बिगड़ता है तो मन में घबराहट होती है। इसके लिए वह राधा रानी और भगवान शिव से प्रार्थना करते हैं कि उनके गुरु जी जल्द से जल्द स्वस्थ हों। बहुत दिन से मन में इच्छा थी कि गुरु के बेहतर स्वास्थ्य की कामना लिए वह हरिद्वार से कांवर लाएं। जिसके बाद मन में प्रण लिया और हरिद्वार पहुंच गया कांवर लेने। 20 जून को हरिद्वार से शुरू की यात्रा रमण ने बताया कि सावन में दंडवती कांवर यात्रा लेकर संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज पहुंचना था इसके लिए 19 जून को हरिद्वार पहुंचे। जहां 20 जून की सुबह पूजा अर्चना कर दंडवती कांवर यात्रा शुरू कर दी। रमण ने बताया वह प्रतिदिन 6 से 7 किलोमीटर दंडवती यात्रा कर रहे थे। यात्रा के 62 वें दिन वृंदावन पहुंच गए। रमण दंडवती करते हुए सीधे केली कुंज आश्रम पहुंचे। 4 दोस्तों के साथ पूरी की यात्रा फरीदाबाद के रमण की दंडवती कांवर यात्रा में उसके 4 दोस्त भी रहे। 3 दोस्त उसके लिए रास्ते में कोई रुकावट न आए इसकी व्यवस्था करते हुए चल रहे थे। वहीं एक दोस्त E रिक्शा साथ में लेकर चल रहा था। इसी E रिक्शा पर एक स्पीकर लगा था जिसमें भजन चल रहे थे। इसके अलावा खाने पीने का सामान और कपड़े आदि रखे हुए थे। रमण दंडवती यात्रा कर रहे थे तो दोस्त उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। रमण सावन के अंतिम सोमवार को शिवालय पर कांवर में लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक कर अपनी यात्रा पूरी करेंगे।



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