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लॉरेंस जेल में सर्वाइवल की जंग लड़ रहा है:गोल्डी बराड़ बोला- उससे पुरानी यारी थी, लेकिन अब विपरीत है, सिद्धू मर्डर पर भी बोला




कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या को लेकर पंजाबी गैंगस्टर आमने-सामने हो गए हैं। दोनों रोज ऑडियो वायरल कर नए खुलासे कर रहे है। इसी कड़ी में अब गोल्डी बराड़ ने अर्श डाला को जवाब देते हुए कि तूं कहता है कि लारेंस और मैं आपस में लड़ गए। ठीक है भाई जिनके असूल नहीं मिलते है। वहां लड़ाईयां हो जाती है। लेकिन हमने धोखा नहीं किया। लारेंस जेल में है, अपने सर्वाइवल के लिए जो करना चाहता है वह करे। उसकी अपनी स्ट्रेटजी है। वहीं, गोल्डी ने सिद्धू मूसेवाला की मौत और मोहाली में कोर्ट के बाहर गुरविंदर सिंह किए मर्डर में भी अपनी स्थिति साफ की है। हालांकि भास्कर इस आडियो की पुष्टि नहीं करता है। अब पांच प्वाइंट में जानिए क्या कहा – मुंह पर कहा था कि प्रधान हम एक दूसरे के विपरीत है लारेंस के साथ लड़ाई पर गोल्डी बराड़ का कहना है कि जिनके भाई उसूल न मिलते हों, वहां पर लड़ाइयां हो जाती हैं। ठीक है भाई, हमारी लारेंस से बहुत पुरानी यारी थी। हम लड़े हैं। तुम्हारी तरह सोए हुए एक-दूसरे को जहर नहीं डाला। एक-दूसरे के विपरीत खड़े हैं। उसूल नहीं मिलते हैं। तुम्हारी तरह उलझाकर नहीं मारा। अगर वह मुझे मारेगा तो कोई चक्कर नहीं है, मैं उसके उलट खड़ा हूं। वह मार सकता है। अगर मैंने किसी को मारना है तो मैं भी मार सकता हूं। पीठ पीछे वार नहीं करने लगा हूं। यारों-दोस्तों में फर्क भी पड़ता है। दोस्तों में दुश्मनी भी पड़ जाती है। लेकिन बात मुंह पर होनी चाहिए। मुंह पर बात की है कि प्रधान, अब हम एक-दूसरे के विपरीत हैं। ठीक है, उसूल है। मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं निज्जर करके उससे अलग हुआ। मैंने यह कहा कि उसके लक्षणों के कारण उससे अलग हुआ हूं। हमें निज्जर वाले काम के बाद उसके लक्षण दिखने लग पड़े थे कि वह किस साइड चलने लग पड़ा। ठीक है भाई, वह उसकी स्ट्रेटजी है। ठीक है, हम आजाद हैं। वह जेल में है, घड़े की मछली है। उसने अपने लिए सोचना है। वह अपने सर्वाइवल के लिए जो करना है, वह करे। यारी-दोस्ती में धोखे उसने दिए। हमने किसी को धोखा नहीं दिया। जिसके साथ यारी रखी, उसके साथ निभाई है। अगर कोई पीछे हट जाता है तो पीछे हटना पड़ता है। क्योंकि दोस्ती दोनों साइड से सच होती है। अब शगुन फिरौतियां तक मांग रहा है गोल्डी ने अर्श डाला को कहा कि तू कहता है सिद्धू मूसेवाला को राजीनामे के लिए मारा है ? तू कह रहा है कि सिद्धू नाजायज मारा गया ? बाकी बातें छोड़ दे। तुझे तो मैं दो ही बातें कहूंगा। ठीक है। मरे और मुर्दे का इलाज तो होता नहीं है। पहली बात तो शगुन का देख ले। शगुन की जो इन्वॉल्वमेंट थी मिड्डू खेड़ा केस में थी। वह सब जगह जाहिर है। वहीं, शगुन की अब प्रेजेंट एक्टिविटी देख ले। वह सरेआम आपके ग्रुप के साथ चल रहा है। फिरौतियां तक मांग रहा है। अफसाना खान ने इंटरव्यू ने मानी थी बात दूसरी बात बीबीसी वालों ने सिद्धू वाली डॉक्यूमेंट्री की है। मैं इंटरव्यू इसलिए की थी कि क्योंकि मुझे पता चला था कि अफसाना खान ने इंटरव्यू की थी। वहां वह मान गई थी वह गुरलाल के घर पर मैं गई थी। गाना साइन किया था। उस मीटिंग की फोटो व पेपर वर्क है। गुरलाल ने वहां पर उस समय बैड माउथिंग की थी। अफसाना ने सिद्धू मूसेवाला को बताया था। सिद्धू मूसेवाला ने आगे तुम्हारे ग्रुप के लोगों को फोन लगाया। उन्होंने गुरलाल के दोस्त को फोन लगाकर गालियां भी निकालीं। यह बात अफसाना खान ऑन कैमरा बीबीसी पर मान गई। बाद में वह डर गई। बाद में उसने अपना कंसेंट वापस लिया था। बीबीसी वालों को कहा था कि यह इंटरव्यू आप चला नहीं सकते। इस बात का मैं गवाह हूं। क्योंकि बीबीसी ने जब मेरी इंटरव्यू की थी तो मुझे बताया था। तभी मैंने उसका नाम लिया था। इंटरव्यू के सबूत नहीं दे सकता हूं। लक्की की इन्वॉल्वमेंट यही थी कि वह उसे मारकर चमकाना चाहते थे। सिद्धू और गुरलाल की छोटी-मोटी कुछ हो गई। सिद्धू ने तीन करोड़ आफर किए थे गुरलाल ने सिद्धू बारे बयानबाजी कर दी । वह चाहते थे हम गुरलाल को मार दें ताकि सिद्धू हमारे साथ फंसकर रह जाए। ठीक है। वह भोला आपके सूत आ गया। तुम लोगों ने उसे ऐसा उलझाया कि वह चाहकर भी निकल नहीं पाया। कत्ल करवाना होता तो आपको अकेला सिद्धू का मैनेजर शगुन मिला था रैकी करवाने को। तुमने जान बूझकर ऐसा किया। ताकि शगुन को शामिल करके सिद्धू को यहां पर इन्वॉल्व कर सके। क्योंकि आपके ग्रुप को पता था कि सिद्धू हाथ-पैर मार रहा, समझौते व राजीनामे को। तू जो यह कहता है कि मैंने राजीनामे के लिए मारा है। कोई बंदा यह सबूत दे कि मेरा सिद्धू से कंप्रोमाइज हुआ था और मैं इस चीज का देनदार हूं। ठीक है, सिद्धू ने मुझे संदेश जरूर लगवाए थे, तीन करोड़ रुपए तक की ऑफर भी की थी। लेकिन हमने साफ डिनाई की थी, क्योंकि मैंने कहा था कि तेरे से एक बार राजीनामा हो गया था। यह राजीनामा गुरलाल व विक्की मिड्डूखेड़ा के मरने से पहले हुआ था। लॉरेंस का हुआ था, वह भी मेरा नहीं हुआ था। क्योंकि उस समय मैं गेम में नहीं था। उस समय मैं काम करके अपना खाता था। कांग्रेस में जाने के बाद उसका दिमाग खराब हो गया रिंदे भाई (गैंगटर हरविंदर सिंह रिंदा) ने एक बार लॉरेंस से सिद्धू मूसेवाला की सुलह-सफाई करवाई थी। सिद्धू ने माफी मांगी थी कि मैं दूसरे ग्रुप के साथ इन्वॉल्व हो गया। क्योंकि मेरा जो कनाडा में बाउंड का चक्कर चल रहा था, उसे तुड़वाने में लक्की व धालीवाल ने मदद की। मैं इनके साथ उलझ गया। मैं अब धीरे-धीरे पीछे आ जाऊंगा और आपके साथ भी वर्तूंगा। लेकिन इसके बाद जब कांग्रेस ने उसे अंगुली दे दी पभीरी वाली, उसके बाद उसका दिमाग इतना खराब हो गया। दूसरा, आप जैसे लोगों से यारी थी। आपने उसे इन्वॉल्व ऐसे कर लिया कि वह निकल नहीं सका। मोहाली वाले गुरविंदर को हमने मारा है दूसरा तू कहता है गुरविंदर मोहाली वाले समझौता करके मारा है। कोई इसका सबूत है, कोई रिकॉर्डिंग दे दे। मैं जिंदगी उससे बात की। उसका एफआईआर में नाम था। हम निगाह रखते रहे। वह अपने नहीं, ससुराल में रहता था। हमने उसके केसों की डिटेल निकाली थी। वह अपनी किसी तारीख पर आया था, हमने ठोक दिया। न तो हमारी उससे कभी बात हुई। गोलियां कम चलवाईं और पिस्तौल अधिक पकड़वाए परमदीप पम्मा से बात हुई। मेरे नाम से कई गुरु घरों और एसएफजे के मेंबर के प्रधानों को संदेशे लगाए गए थे कि मैं उन्हें टारगेट करना चाहता हूं। मैं बताना चाहता था कि ऐसी कोई बात नहीं है। हमारा किसी से जत्थेबंदक तौर पर कोई रोला है। ठीक है, जो चीज है पर्सनल है। मैं तुम्हें लास्ट बार रिप्लाई करूंगा। तू कहता है कौम का क्या किया है। एक भी काम गिना दे जो किया हो। सारे पर्चे लूट और रिकवरी वाले हैं। तू अकेला बदमाश है, जिसने गोलियां कम चलवाईं और पिस्तौल अधिक पकड़वाए हैं। ठीक है। तेरे पर दस पर्चे हैं तो उसमें से नौ यह हैं, लड़के चले थे कि रास्ते में असले के साथ पकड़े गए। कौन पकड़ते हैं यह तू जानता है या किक्कर सिंह जानता है। किक्कर ने तेरे पिता पर केस डाला तो उसका मुखबिर बना। तेरे भाई पर 2021 केस डाला था। लेकिन 2 महीने वह किक्कर सिंह दो महीने बाद उसे पासपोर्ट बनाकर दिल्ली एयरपोर्ट पर छोड़कर आया था। जो कि अब सरी में रहता था। मारा किसी ने पोस्ट तुमने डाली जो महिंदर पाल बिट्टू जेल के अंदर मरा था। सिंहों ने उसका सौदा लगाया था। वह लड़का मनिंदर सिंह जिम्मा था, जिस पर केस लगा था। लड़का किसी अपने लड़ाई-झगड़े में अंदर था। अंदर उसे मौका लगा, जहां उसने बिट्टू का मर्डर किया। एक यू ट्यूब चैनल पर पॉडकास्ट है। उसने सारी बात बताई। उसने बताया हमें जब रिमांड गए, पुलिस वाले वीडियो दिखा-दिखाकर मारा कि आपने किसी गैंग के कहने पर वारदात की। जबकि हमारा किसी वारदात से कोई लेना-देना नहीं था। हमें तो बाद में चला कि किसी गैंग ने पोस्ट डाली है।



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