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Aryavir Sehwag & Anvay Dravid Named In India U-19 Squad


2 मिनट पहले

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आर्यवीर सहवाग दिल्ली के लिए रणजी क्रिकेट खेलते हैं।  - Dainik Bhaskar

आर्यवीर सहवाग दिल्ली के लिए रणजी क्रिकेट खेलते हैं।

पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर को पहली बार भारत की अंडर-19 टीम में चुना गया है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए टीम में जगह मिली है।

तीनों मुकाबले सितंबर में राजकोट में खेले जाएंगे। आर्यवीर दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और फिलहाल दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस की ओर से खेल रहे हैं।

आर्यवीर के साथ राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भी वनडे टीम में शामिल किया गया है। अन्वय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और श्रीलंका दौरे पर भारत की U-19 टीम के लिए 87 रन की पारी खेल चुके हैं। हालांकि, आर्यवीर और अन्वय दोनों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दो मल्टी-डे मैचों की टीम में जगह नहीं मिली है।

अन्वय द्रविड़ ने श्रीलंका U-19 के खिलाफ 2 मैच में 101 रन बनाए थे।

अन्वय द्रविड़ ने श्रीलंका U-19 के खिलाफ 2 मैच में 101 रन बनाए थे।

DPL में खेल रहे आर्यवीर

आर्यवीर सहवाग ने हाल ही में दिल्ली प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए खेला है। वे इससे पहले 2024 में कूच बिहार ट्रॉफी में बड़ी पारी खेलकर चर्चा में आए थे। उन्होंने मेघालय के खिलाफ 297 रन बनाए थे।

आर्यवीर डोमेस्टिक लीग दिल्ली प्रीमियर में खेल रहे हैं।

आर्यवीर डोमेस्टिक लीग दिल्ली प्रीमियर में खेल रहे हैं।

तीन वनडे राजकोट में होंगे

भारत और ऑस्ट्रेलिया की U-19 टीमों के बीच तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। तीनों मुकाबले राजकोट में होंगे। तीनों मुकाबले सुबह 9 बजे से शुरू होंगे।

लक्ष्य कप्तान, यशवर्धन उपकप्तान

वनडे सीरीज के लिए लक्ष्या रायचंदानी को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि यशवर्धन चौहान उपकप्तान होंगे। वहीं मल्टी-डे मैचों के लिए दोनों की भूमिकाएं बदल जाएंगी। यशवर्धन कप्तान और लक्ष्या उपकप्तान होंगे।

भारत को वनडे सीरीज के बाद दो मल्टी-डे मैच भी खेलने हैं। पहला मुकाबला 27 से 30 सितंबर तक राजकोट में होगा। दूसरा मल्टी-डे मैच 5 से 8 अक्टूबर तक अहमदाबाद के B ग्राउंड पर खेला जाएगा।

अन्वय ने श्रीलंका में किया था प्रभावित

राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को वनडे टीम में अपनी जगह बरकरार रखने का मौका मिला है। उन्होंने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत की U-19 टीम के लिए 87 रन की पारी खेली थी।

हालांकि, इस बार उन्हें भी मल्टी-डे टीम में शामिल नहीं किया गया है। यानी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे टीम में एक साथ वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे नजर आएंगे।

भारत की U-19 वनडे टीम

लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल, आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़, वी यशवीर, रोहित यादव, शाविन विनोद, मोहित उल्वा, चिगुरुपति वेंकट और काव्य पटेल।

मल्टी-डे टीम में आर्यवीर-अन्वय नहीं

दो मल्टी-डे मैचों के लिए भारत की अलग टीम चुनी गई है। इसमें यशवर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा, अभिप्राय बिस्वास, रोहित यादव, ईशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उल्वा और आर्यन यादव शामिल हैं।

भारतीय क्रिकेट में पिता के बाद बेटों की एंट्री के उदाहरण

भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे परिवार रहे हैं, जहां पिता के बाद बेटे ने भी क्रिकेट को करियर बनाया।

  • सुनील गावस्कर और रोहन गावस्करसुनील गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर ने भी भारतीय क्रिकेट में जगह बनाई। उन्होंने भारत के लिए 11 वनडे खेले। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने बंगाल को रिप्रेजेंट किया।
सुनील गावस्कर (दाएं) बेटे रोहन के साथ।

सुनील गावस्कर (दाएं) बेटे रोहन के साथ।

  • लाला अमरनाथ और अमरनाथ परिवारभारत के पूर्व कप्तान लाला अमरनाथ के परिवार की भारतीय क्रिकेट में खास विरासत रही है। उनके तीनों बेटों—सुरिंदर, मोहिंदर और राजिंदर अमरनाथ ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला। इनमें मोहिंदर अमरनाथ ने सबसे बड़ी सफलता हासिल की। वे 1983 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे।
  • रोजर बिन्नी और स्टुअर्ट बिन्नी1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रोजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट बिन्नी ने भी भारत के लिए क्रिकेट खेला। स्टुअर्ट ने टेस्ट, वनडे और टी-20 इंटरनेशनल तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वनडे में उनके नाम भारत के लिए बेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड भी रहा, जब उन्होंने 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ 6 विकेट पर 4 रन दिए थे।
  • योगराज सिंह और युवराज सिंहपूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह के बेटे युवराज सिंह ने पिता से आगे बढ़कर भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। युवराज 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे। 2011 वर्ल्ड कप में उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
युवराज सिंह ने 2011 वर्ल्ड कप के 9 मैचों में 362 रन बनाने के साथ 15 विकेट भी लिए थे।

युवराज सिंह ने 2011 वर्ल्ड कप के 9 मैचों में 362 रन बनाने के साथ 15 विकेट भी लिए थे।

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