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गयाजी में मनचलों पर 'अभया ब्रिगेड' की रहेगी नजर:'पुलिस दीदी' का दस्ता तैयार, शहर में 30 स्कूटी और 40 बाइक से होगी गश्त




गयाजी में छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक विशेष पहल की शुरुआत की है। राज्य के मुख्यमंत्री की ओर से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद ‘अभया ब्रिगेड’ और ‘पुलिस दीदी’ योजना के तहत सभी जिलों में गश्ती वाहनों का आवंटन किया गया है। इसी क्रम में जिले को भी 30 स्कूटी और 40 मोटरसाइकिलें रक्षा बंधन के मौके पर पुलिस लाइन में आवंटित की जाएंगी। जिन्हें गश्त के लिए सड़कों पर उतारा जाएगा। कॉलेज और कोचिंग संस्थानों पर रहेगी विशेष नजर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन नए वाहनों का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थानों के आसपास महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिले के जितने भी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर हैं। जहां लड़कियाँ पढ़ाई के लिए आती-जाती हैं, वहां ‘पुलिस दीदी’ की टीम विशेष रूप से तैनात रहेगी। प्रत्येक स्कूटी पर दो महिला कांस्टेबल सवार होंगी। इन टीमों का मुख्य ध्यान कोचिंग और कॉलेजों के खुलने के समय पर रहेगा। इस समय महिला पुलिस कर्मी इन संवेदनशील इलाकों में गहन गश्ती करेंगी, ताकि छात्राओं को आते-जाते समय किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि कि यदि गश्त के दौरान कोई भी असामाजिक तत्व या मनचला किसी प्रकार की गलत हरकत करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम छात्राओं में सुरक्षा और आत्मविश्वास का माहौल पैदा करने के लिए उठाया गया है। एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि यह विशेष सुरक्षा सेवा केवल शहर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जिले के अनुमंडलीय क्षेत्रों में भी लागू किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में महिला गश्ती दल रात के समय भी अपनी सेवा देगा, ताकि देर रात तक काम करने वाली या यात्रा करने वाली महिलाओं को पूरा सुरक्षा कवच मिल सके। सुरक्षा का एक नया भरोसा ​पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था पहले से ही संचालित है, लेकिन ‘अभया ब्रिगेड’ और ‘पुलिस दीदी’ का यह दस्ता विशेष रूप से महिलाओं और छात्राओं से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ​इस नई पहल से न केवल मनचलों पर नकेल कसेगी, बल्कि जिले की महिला आबादी में सुरक्षा का एक नया भरोसा भी कायम होगा।



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