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- Colonies, Shops And Offices Have Been Built On The Land Of 19 Temples In Malharganj, 11 In Juni Indore And 4 In Bichauli Hapsi.
इंदौर2 मिनट पहलेलेखक: हितेश शर्मा
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इंदौर में मंदिरों की जमीनों पर कॉलोनियां बस गईं हैं। इन पर कहीं कॉलेज, दुकानें, गोदाम, पेट्रोल पंप और बैंक भवन खड़े हो गए। कुछ जगहों पर तो सरकारी एजेंसियों के निर्माण भी हैं।
भास्कर ने 25 दिन तक मंदिरों की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की। जिले में 1015 शासन संधारित मंदिर हैं। 350 से ज्यादा तो शहरी सीमा में हैं। कलेक्टर या दूसरे प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थापक के रूप में होने के बावजूद इनकी जमीन पर कब्जे मिले हैं।
मल्हारगंज तहसील में सर्वाधिक 19 मंदिरों की जमीन पर कब्जे हो गए हैं। जूनी इंदौर में 11 मंदिर, बिचौली हप्सी के 4 मंदिरों की जमीन पर कब्जे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर 2021 के फैसले में साफ किया था कि मंदिर की संपत्ति देवता की होती है। पुजारी या सेवायत को देखरेख और प्रबंधन का अधिकार हो सकता है, मलिकाना हक नहीं।
नगर निगम और आईडीए ने भी कर रखे हैं कब्जे
1. श्रीकृष्ण मंदिर की खसरा नंबर 143 जमीन पर बसी कॉलाेनी
श्रीकृष्ण मंदिर सिरपुर की 7.57 हेक्टेयर जमीन पर तिलक नगर बसा है। इतने बड़े क्षेत्र में आवासीय विकास किस प्रक्रिया के तहत हुआ, जमीन के उपयोग में कब और कैसे बदलाव हुआ, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
2. श्रीराम मंदिर के खसरा नंबर 342/1 पर निगम के निर्माण श्रीराम मंदिर सिरपुर की 2.247 हेक्टेयर जमीन के हिस्से पर नगर निगम के निर्माण मौजूद हैं। यहां पानी की टंकी, बस डिपो और अहिल्या वन बना रखे हैं। ये जमीन निगम को कैसे अलॉट हुई किसी को नहीं पता।
3. श्रीकृष्ण मंदिर की 148 खसरे पर इस तरह दिख रहा कब्जा
श्रीकृष्ण मंदिर की खसरा नं. 148 पर भी कब्जे हैं। कबीर खेड़ी के खेड़ापति हनुमान मंदिर की सर्वे नंबर 48 की 0.138 हेक्टेयर और सर्वे नंबर 49 की 1.125 हेक्टेयर जमीन पर आईडीए की योजना के तहत ले ली गई।
4. महादेव मंदिर की जमीन आईडीए की योजना में शामिल
महादेव मंदिर, टिगरिया बादशाह की 2.497 हेक्टे. जमीन भी आईडीए की योजना में है। वहीं भंवरसला के बैजनाथ मंदिर की 2.680 हेक्टे. जमीन में से 0.800 हेक्टेयर हिस्से पर निजी कॉलेज की पार्किंग व दूसरे निर्माण हैं।
शासन, मंदिरों की जमीनें मुक्त कराएंगे
ये करीब दो दशक पुरानी समस्या है। कई जगह बदमाशी हुई, कई जगह लापरवाही भी हुई। जहां आबादी है वहां थोड़ी समस्या है, लेकिन हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। शासन और मंदिरों की जमीनें मुक्त करवाएंगे। -शिवम वर्मा, कलेक्टर
शासन का पक्ष मजबूती से रखेंगे
इस संबंध में कलेक्टर से बात करेंगे। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में निर्देश दिए थे कि मंदिरों की जमीन के मामलों की मॉनिटरिंग लगातार करते रहें। कोर्ट में भी शासन का पक्ष मजबूती से रखें, ताकि जमीनें मंदिर को मिले। -भास्कर लक्षकार, संभागायुक्त
सीधी बात – धर्मेंद्र लोधी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
कार्रवाई के साथ ही लगातार मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करेंगे
इंदौर में मंदिर की जमीनों पर अवैध कब्जे हो गए, बेच दी गई। – आप इस संबंध में जो भी दस्तावेज हैं, मुझे भेज दीजिए, हम दिखवा लेंगे।
मंदिर की जमीनें देवता की होती हैं, उसे बेचने का अधिकार किसी को नहीं है। सुप्रीम कोर्ट तक का आदेश है। – हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत तो नहीं आई है, लेकिन फिर भी इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देशित करेंगे।
इस मामले में आगे शासन क्या करेगा, इन मंदिरों की जमीनें पुन: हासिल करने के लिए क्या कदम उठाएंगे? – सीएम साहब ने भी कुछ समय पहले बैठक में निर्देश दिए हैं, शासन इस दिशा में काम कर रहा है, लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे।

