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सीकर के स्मृति वन में बना 685 मीटर लंबा हरा पर्गोला अब एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। इस ग्रीन वॉकवे को एशिया का सबसे लंबा पर्गोला होने का प्रमाण पत्र मिला है। रिकॉर्ड मिलने के बाद स्मृति वन की पहचान और मजबूत हुई है और यह क्षेत्र शहरवासियों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। दरअसल, शहर के स्मृति वन में बने हुए वॉकवे को एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स ने सर्टिफिकेट दिया है। स्मृति वन में 685.393 मीटर लंबा आजकल शहरवासियों की सुबह की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे हरी बेलों से ढका सबसे लंबा मेटल पर्गोला वॉकवे प्रमाणित किया है। रविवार को आयोजित समारोह में रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया गया। इस पर्गोला की ऊंचाई 4.76 से 4.88 मीटर तक है। इसके निर्माण में करीब 20,736.82 किलोग्राम लोहा काम में लिया गया। पर्गोला वॉकवे की स्ट्रक्चरइस तरह तैयार हुई है कि इस पर हरी बेलों को डवलप किया जा सके। इससे स्मृति वन में आने वाले लोगों को पैदल चलने, दौड़ने और जॉगिंग के दौरान सीधी धूप से राहत और ऑक्सीजन मिलती है। नेचर कंजर्वेशन और हरियाली बढ़ाने के प्रति जागरूकता पैदा करना उद्देश्य CPR डॉक्टर ऑफ इंडिया के नाम से ख्यात डॉ. विनोद कुमार जैन ने पर्गोला निर्माण की शुरुआत 27 जून 2021 को की थी। डॉ. जैन के अनुसार, पर्गोला तैयार करने का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि लोगों में नेचर कंजर्वेशन और हरियाली बढ़ाने के प्रति जागरूकता पैदा करना है। यह वॉकवे पैदल यात्रियों, रनर्स, जॉगर्स और खेल गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। स्मृति वन के विकास में विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र पारीक के साथ वन विभाग और जिला प्रशासन ने भी योगदान दिया है। रविवार को समारोह में जिला कलेक्टर आशीष मोदी और उप वन संरक्षक प्रदीप कुमार ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के जूरी भुवनेश माथुरिया से सर्टिफिकेट प्राप्त किया। डॉ. जैन के नाम अब तक 5 इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स दर्ज हो चुके हैं। वहीं, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे लंबे पर्गोला की लंबाई 40.42 मीटर दर्ज है। ऐसे में सीकर का 685 मीटर से अधिक लंबा पर्गोला इस रिकॉर्ड के मुकाबले कई गुना बड़ा है।
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सीकर में एशिया का सबसे लंबा ग्रीन पर्गोला:स्मृति वन में 685 मीटर का वॉकवे; एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिला सर्टिफिकेट
