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पंजाबी सिख की अमेरिका में सिटिजनशिप रद्द:टैक्सी में महिला को किडनैप किया, सोती हुई के कपड़े उतारे; चाकू दिखा रेप किया




पंजाबी मूल के सिख टैक्सी ड्राइवर की रेप केस में नागरिकता रद्द की गई है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने 31 अगस्त को कानूनी कार्रवाई की। टैक्सी ड्राइवर गुरमीत सिंह (55) को 20 साल की सजा भी सुनाई गई है। पूर्वी न्यूयॉर्क के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज निकोलस गरौफिस ने गुरमीत सिंह की नागरिकता रद्द करने और उसके नागरिकता प्रमाण पत्र व पासपोर्ट को 16 सितंबर तक जमा करने का आदेश सुनाया है। गुरमीत सिंह को 2011 में महिला यात्री के साथ चाकू की नोक पर अपहरण के बाद रेप करने के जुर्म में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अभी गुरमीत सिंह न्यूयॉर्क की शावांगंक करेक्शनल फैसिलिटी जेल में सजा काट रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता अपराधियों के लिए कोई ढाल या सुरक्षा कवच नहीं है। गुरमीत सिंह ने नागरिकता की प्रक्रिया के दौरान महिला के साथ रेप और किडनैपिंग के अपराधों को छिपाया था। धोखाधड़ी से हासिल की गई नागरिकता किसी भी अपराधी को न्याय से नहीं बचा सकती। अमेरिकी पुलिस ने बताई अपराध की पूरी कहानी… रेप करने के बाद नागरिकता के लिए कर दिया अप्लाई मई 2011 में रेप की घटना को अंजाम देने के कुछ ही हफ्तों बाद गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन दाखिल किया। नागरिकता फॉर्म भरते समय और इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने इंटरव्यू के दौरान उसने हलफनामा देकर यह दावा किया कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसके इस बड़े झूठ के आधार पर अमेरिकी सरकार ने उसे 19 अक्टूबर 2011 को देश का नागरिक घोषित कर दिया। 15 साल बाद छिनी नागरिकता नागरिकता मिलने के कुछ ही महीनों बाद, जनवरी 2012 में डीएनए रिपोर्ट के आधार पर उसकी गिरफ्तारी हुई। न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट में मुकदमा चला। वर्ष 2014 में अदालत ने गुरमीत सिंह को फर्स्ट-डिग्री रेप और सेकंड-डिग्री किडनैपिंग का दोषी मानते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई। न्याय विभाग के इमिग्रेशन लिटिगेशन ऑफिस (OIL) और पूर्वी न्यूयॉर्क के यूएस अटॉर्नी कार्यालय ने जब इस मामले की समीक्षा की तो पाया कि गुरमीत सिंह ने अपने नागरिकता आवेदन में अपने अपराध को छुपाकर अमेरिकी कानून से धोखाधड़ी की थी। फरवरी 2026 में न्याय विभाग ने उसकी नागरिकता समाप्त करने के लिए अदालत में याचिका दायर की। नागरिकता छीनने के बाद और 20 साल की अपनी जेल की सजा पूरी करने के बाद गुरमीत सिंह को भारत डिपोर्ट किया जाएगा।



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