खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध की जांच शुरू कर दी है। ‘TRIPLE T-Trust Through Testing’ अभियान के तहत Food Safety on Wheels और Rapid Milk Testing Kit की मदद से शहर के दूध विक्रेताओं, डेयरी संचालकों और फेरी वालों के दूध के सैंपल की स्पॉट टेस्टिंग की गई।
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शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब 16 से अधिक स्थानों पर दूध की जांच की गई। इनमें छह डेयरी प्रतिष्ठानों के साथ 8 से 10 फेरी विक्रेताओं के दूध की भी मौके पर जांच हुई। राहत की बात यह रही कि प्रथम दृष्टया की गई जांच में किसी तरह की मिलावट सामने नहीं आई।
इन डेयरियों में हुई दूध की जांच खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एम्पायर रेजिडेंसी स्थित श्री कृष्णा दूध डेयरी, बिजौली मर्दाना रोड-पिपलियाहाना की वृंदावन डेयरी, बृजेश्वरी-पिपलियाहाना के फार्मर्स मिल्ककार्ट, शीतल नगर की श्री जी दूध डेयरी, गंगा देवी नगर के कृष्णा मिल्क सेंटर और एमआर-10 स्थित महावीर दूध डेयरी पर पहुंचकर दूध की जांच की। इसके अलावा सड़क पर दूध बेचने वाले करीब 8 से 10 फेरी विक्रेताओं के दूध की भी मौके पर Rapid Testing की गई।
अब मौके पर ही होगी दूध की शुरुआती जांच अधिकारियों ने बताया कि TRIPLE T अभियान में अब Rapid Milk Testing Kit को भी शामिल किया गया है। इसके जरिए दूध की कुछ महत्वपूर्ण गुणवत्ता संबंधी जांच मौके पर ही कम समय में की जा सकती है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि टीम को शुरुआती जांच के लिए सैंपल को तुरंत लैब भेजने का इंतजार नहीं करना पड़ता। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि Rapid Testing के परिणाम प्राथमिक जांच पर आधारित होते हैं। जरूरत पड़ने पर नियमानुसार सैंपल की विस्तृत जांच और प्रयोगशाला परीक्षण भी कराया जाएगा।
आम लोग भी सीख सकेंगे खाद्य पदार्थों की जांच Food Safety on Wheels के जरिए आम लोगों को रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की आसान घरेलू जांच के तरीकों की जानकारी भी दी जा रही है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को इतना जागरूक करना है कि वे खुद भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सजग रह सकें।
इसलिए जरूरी है दूध की जांच दूध ऐसी खाद्य सामग्री है, जिसका इस्तेमाल छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लगभग हर उम्र के लोग करते हैं। ऐसे में इसकी गुणवत्ता सीधे परिवार की सेहत और रोजमर्रा की खाद्य सुरक्षा से जुड़ी है। बाजार में दूध की बढ़ती मांग के बीच उसकी गुणवत्ता की निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए किसान।
दूध के भाव बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन दूध के भाव बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को दूध उत्पादक किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत और पानी की समस्या के बावजूद दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
किसानों ने बताया कि कलेक्टर शिवम वर्मा से करीब एक घंटे चर्चा कर अपनी समस्याएं रखी थीं, इसके बावजूद दूध के भाव यथावत रखे गए हैं। जनवरी से वे गांवों में टैंकरों के जरिए पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है।
किसानों ने दूध के मौजूदा भाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि निजी स्तर पर व्यापारियों के द्वारा 58 से 62 रुपये प्रति लीटर तक दूध खरीदा जा रहा है, ऐसे में किसानों को भी उचित भाव मिलना चाहिए।
