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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आए अलवर:बोले- 'पूर्व विधायक शास्त्री ने राजस्थान में सहकारिता को मजबूत किया




पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को अलवर दौरे पर रहे। वे यहां मुंडावर के पूर्व विधायक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेतामहेंद्र शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करने आए थे। श्रद्धांजलि के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए धनखड़ ने महेंद्र शास्त्री के योगदान को याद किया। धनखड़ ने कहा कि पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री ने कई दशकों तक समाज के लिए बेहतर योगदान दिया है। उन्होंने राजस्थान में सहकारिता आंदोलन की जड़ों को मजबूत किया और सहकारी बैंक के सफल संचालन में उनका जबरदस्त योगदान रहा। ‘जाट आरक्षण आंदोलन पूरी तरह शांतिप्रिय और सफल रहा’ पूर्व उपराष्ट्रपति ने सामाजिक न्याय की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा, “तब यह एक बड़ा आंदोलन था, लेकिन पूरी तरह शांतिप्रिय था। आंदोलन के दौरान कहीं कोई हिंसा नहीं हुई और यह अत्यंत सफल रहा। इसी की बदौलत जाट समाज को राज्य व केंद्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण मिला। बीते 25 सालों में इस आरक्षण से बड़ा बदलाव आया है।” उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र में सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया था। जाट समाज के अलावा अन्य पांच जातियों को भी अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण मिला, जिसमें शास्त्री जी ने आगे बढ़कर सक्रिय सहयोग किया। आंदोलन समिति में राजाराम मील, डॉ. हरि सिंह और शास्त्री जी प्रमुख चेहरा थे। विद्याधर नगर में विशाल कार्यक्रम हुआ, जिसके मुख्य वक्ता काशीराम जी थे और प्रमुख वक्ताओं में आरिफ अनवर शामिल थे। यह सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण है। ‘सहकारिता को अब संविधान में स्थान मिला’ धनखड़ ने कहा कि समाज शास्त्री जी के योगदान को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने सहकारिता के भाव से निष्ठापूर्वक काम किया। पहले सहकारिता संविधान के प्रमुख खंड में नहीं थी, लेकिन अब इसे भारत के संविधान में निहित कर दिया गया है और देश में पहली बार अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन हुआ है। महेंद्र शास्त्री से जुड़ी प्रमुख जानकारियां: निधन कब हुआ: पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री का निधन 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को 95 वर्ष की आयु में अलवर के मोती डूंगरी स्थित उनके आवास पर हुआ। विधायक कब बने: वे 1985 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में मुंडावर (अलवर) सीट से लोकदल (LKD) के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए थे। जगदीप धनखड़ का पिछला दौरा: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इससे पहले जून 2026 में अलवर आए थे। तब वे अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ शास्त्री के मोती डूंगरी स्थित आवास पर जाकर उनसे मिले थे और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना था।



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