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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को शहर के मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार 15 साल बाद अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। शहर के मंदिरों में 4 सितंबर की अर्धरात्रि 11:50 से 12:10 बजे तक जन्मोत्सव होगा। मंदिरों में राधा-कृष्ण के लिए पुष्पों का झूला सजाया गया है, जहां रात 12 बजे प्राकट्य उत्सव, अन्नकूट झांकी व महाआरती होगी। रात 9 बजे के बाद स्टेशन रोड पर लोगों का जन सैलाब उमड़ गया। नन्हें बच्चे भगवान कृष्ण की वेशभूषा में भगवान कृष्ण के जन्म का इंतजार करते नजर आए। शहर में आजाद चौक, माणक अस्पताल, करमू जी की गली, जांमे जी की गली सहित जगह-जगह दही हांडी फोड़ प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। बच्चे, युवा महिलाएं व बुजुर्ग सभी कृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए। रात में मंदिरों में बच्चे, महिलाएं सहित भक्तों मंदिर में दर्शन करते नजर आए। मंदिरों में फूल मालाओं से विशेष सजावट की गई। शहर के आजाद चौक से हनुमान जी मंदिर, स्टेशन रोड में भक्तों का जमावड़ा नजर आया। कृष्ण जन्म के बाद भक्त घर के लिए रवाना हुए। मंदिरों में कृष्ण भगवान के दर्शन करने के लिए लंबी-लबी लाइन लग गई। अलग-अलग जगह पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं शहर के अलग-अलग जगहों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं हुई। आजाद चौक में करीब 20 फीट मटकी फोड़ने के लिए युवाओं को मशक्कत करनी पड़ी। आजाद युवा टीम ने आखिरकार मटकी फोड़ प्रतियोगिता को जीता। जन्माष्टमी प्रोग्राम कृष्ण जन्म तक चला। लोगों ने व्रत कृष्ण जन्म के बाद खोले। कृष्ण जन्म के समय भगवान के दर्शन करने के लिए भक्त इंतजार करते नजर आए।
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शहर के मंदिरों में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम:जगह-जगह मटकी फोड़ आयोजन, कृष्ण वेशभूषा में बच्चे नजर आए
