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हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार शनिवार को हांसी पहुंचीं। यहां उन्होंने हांसी प्राइवेट स्कूल संघ द्वारा आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले 96 स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षा से जुड़ी हस्तियों को सम्मानित किया गया। मीना परमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सबसे ऊपर है। वर्तमान समय में और ज्यादा बढ़ी शिक्षकों की जिम्मेदारी : मीना उन्होंने बताया कि आज सोशल मीडिया, नशे और दूसरी सामाजिक चुनौतियों के समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों को शिक्षा के साथ संस्कार, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी भी सिखाएं। परमार ने छात्रों से शिक्षकों का सम्मान करने और उनकी बातों को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपना लक्ष्य तय करें और मेहनत व अनुशासन से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान मीना परमार ने युवाओं को नशे से दूर रहने और नई तकनीक के हिसाब से अपने हुनर को बढ़ाने का संदेश भी दिया। समारोह में छात्रों ने गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षक के महत्व पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए, जिससे सभी प्रभावित हुए। इस मौके पर सीडीएलयू के रजिस्ट्रार सुनील शर्मा, हांसी प्राइवेट स्कूल संघ के प्रधान रविंद्र अत्री के साथ कई शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र, अभिभावक और शिक्षा से जुड़े कई खास लोग मौजूद थे।
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हांसी में 96 स्कूलों के शिक्षक और शिक्षाविद सम्मानित:महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार पहुंचीं, बोलीं- आधुनिक युग में बढ़ी टीचर्स की जिम्मेदारी
