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हरियाणा में चिकित्सा लापरवाही (मेडिकल नेग्लिजेंस) के मामलों में जिला बोर्ड के फैसले से असंतुष्ट मरीजों और उनके परिजनों को जल्द ही एक बड़ा कानूनी राहत का रास्ता मिल सकता है। हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल जिला मेडिकल नेग्लिजेंस बोर्ड गठित होना ही न्याय के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि कोई व्यक्ति बोर्ड की रिपोर्ट या फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो उसे ऊपर अपील करने का स्पष्ट, स्वतंत्र और प्रभावी अधिकार मिलना चाहिए। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, न्यायिक सदस्य कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया की पूर्ण पीठ ने एक शिकायत की सुनवाई में यह ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। आयोग ने राज्य सरकार को मेडिकल लापरवाही के मामलों के लिए एक संहितबद्ध (कोडीफाइड) कानूनी ढांचा और स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा- ‘उपचार के अधिकार से नहीं रोक सकते’
सुनवाई के दौरान महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) ने 2017 की अधिसूचना और 2018 के संशोधनों का हवाला देते हुए कहा था कि जिला स्तर पर बोर्ड पहले से काम कर रहे हैं। विभाग ने यह आशंका भी जताई कि राज्य स्तर पर अपीलीय प्राधिकरण बनाने से एक ही मामले में दो समानांतर कार्यवाहियां शुरू हो सकती हैं। आयोग की पूर्ण पीठ ने स्वास्थ्य विभाग की इस आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया। आयोग ने कहा जिला बोर्ड की जांच मूल कार्यवाही है और राज्य स्तरीय अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील उसकी अगली कड़ी (क्रमिक अवस्था) होगी, न कि समानांतर प्रक्रिया। केवल जिला स्तर पर व्यवस्था होने का मतलब यह नहीं कि पीड़ित से उच्चतर स्तर पर न्याय मांगने का हक छीन लिया जाए। 21 जनवरी 2027 को अगली सुनवाई आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि आयोग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) को निर्देश दिया है कि वे इस दिशा में उठाए गए कदमों की विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2027 को तय की गई है। आयोग ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने और सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले प्रगति रिपोर्ट आयोग के समक्ष दाखिल करने का हुक्म दिया है।
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हरियाणा मानव अधिकार आयोग का बड़ा आदेश:मेडिकल लापरवाही केस में जिला बोर्ड के फैसले के खिलाफ हो सकेगी अपील, सरकार से मांगी रिपोर्ट
