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मुख्यमंत्री भगवंत मान 100 करोड़ से ज्यादा के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मिलने आज गुरुग्राम की भोंडसी जेल जाएंगे। भगवंत मान दूसरी बार मंत्री अरोड़ा से मिलने जेल में जा रहे हैं। इससे पहले वो अरविंद केजरीवाल के साथ 23 मई को संजीव अरोड़ा से मिले थे। संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वो जेल में हैं। निचली अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर अभी सुनवाई चल रही है। संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद भी पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है। अरोड़ा चार महीने से जेल में हैं इसके बावजूद पंजाब सरकार ने संजीव अरोड़ा को अभी तक मंत्री पद से नहीं हटाया। आम आदमी पार्टी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि संजीव अरोड़ा को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है ताकि पंजाब सरकार की छवि को धूमिल किया जा सके। चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी से गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने फर्जी बिलिंग और लेनदेन से जुड़े मामले में छापेमारी के बाद संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से 9 मई को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। गिरफ्तारी और शुरुआती पूछताछ के बाद कोर्ट के आदेशानुसार संजीव अरोड़ा को हरियाणा की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वे वहीं बंद हैं और उनकी कानूनी टीम जमानत के लिए प्रयासरत है। भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार ने इस पूरी कार्रवाई को भाजपा की साजिश करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके गैर-भाजपा शासित राज्यों के नेताओं और मंत्रियों को निशाना बना रही है। मंत्रियों के विभागों में हुआ फेरबदल संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद उनके अधीन आने वाले सभी प्रशासनिक विभागों को पंजाब सरकार ने अन्य कैबिनेट मंत्रियों में बांट दिया, ताकि राज्य के विकास कार्य और विभागीय कामकाज प्रभावित न हों। तमाम कानूनी और राजनीतिक विवादों के बावजूद पंजाब सरकार ने संजीव अरोड़ा का इस्तीफा नहीं लिया है। वे अभी भी भगवंत मान कैबिनेट में बतौर मंत्री शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान व आप का समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी संजीव अरोड़ा से जेल में जाकर मुलाकात कर चुके हैं। आज की मुलाकात भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है, जिसके जरिए मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वे संकट की इस घड़ी में अपने नेता के साथ हैं। संजीव अरोड़ा पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला क्या है? ED का आरोप है कि संजीव अरोड़ा ने 2023-24 में कंपनी ने करीब ₹157.12 करोड़ के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई। इसमें लगभग ₹102.50 करोड़ के मोबाइल फोन UAE की दो कंपनियों को निर्यात दिखाए गए। ED का दावा है कि इन लेन-देन में असली माल की आपूर्ति के बजाय फर्जी बिल, शेल/डमी कंपनियों और कागजी निर्यात का इस्तेमाल किया गया। ED के मुताबिक संजीव अरोड़ा ने फर्जी खरीद के बिल बनाए। कागजों में मोबाइल एक्सपोर्ट किए और जीएसटी व अन्य फायदे सरकार से लिए। ED ने आरोप लगाया है कि करीब ₹102.5 करोड़ की रकम अवैध तरीके से कलेक्ट की। ED की चार्जशीट में अरोड़ा को इस मामले का किंग पर्सन बताया गया है।
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संजीव अरोड़ा से जेल में आज मिलेंगे CM भगवंत मान:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 मई को गिरफ्तार हुआ था मंत्री; केजरीवाल के साथ पहले भी कर चुके हैं मुलाकात
