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जोधपुर के नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों दल अपना-अपना बोर्ड बनाने में दिन रात जुटी हैं। दोनों दलों ने हर वार्ड में पल-पल की अपडेट्स के लिए वार्ड प्रभारी से लेकर चुनाव मैनेजमेंट की पूरी टीम बनाई है। भाजपा ने ये पूरा सिस्टम 5 लेयर में तैयार किया है तो कांग्रेस का वार्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम 3 लेयर में तैयार किया गया है। खास बात ये है कि इन निकाय चुनावों में केंद्रीय मंत्री से लेकर पूर्व विधायक तक चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता वार्डों और जिले तक की निकायों का चुनावी मैनेजमेंट संभाल रहे हैं। भाजपा का 5 लेयर सिस्टम, ये बड़े चेहरे चुनावी मैदान में भाजपा ने वार्डों के चुनाव को लेकर 5 लेयर का पूरा मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इसमें पहले नंबर पर वार्ड प्रभारी, फिर शक्ति केंद्र, इसके बाद मंडल प्रभारी, विधानसभा प्रभारी और चुनाव संचालन समिति। वार्ड प्रभारी: हर वार्ड में हर प्रत्याशी के साथ एक-एक वार्ड प्रभारी नियुक्त किया है। ये वार्ड प्रभारी प्रत्याशी के साथ हर समय रहते हैं। यानी 100 वार्ड प्रभारी हर वार्ड पर नजर रख रहे हैं। शक्ति केंद्र संयोजक: इनमें उन कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है, जो वहां की पूरी भागौलिक और राजनीतिक स्थितियों को जानते हैं। मंडल प्रभारी: हर वार्ड में क्या-क्या चल रहा है। कहां क्या हो रहा है, क्या परेशानी आ रही है इसके लिए मंडल प्रभारी को जिम्मेदारी दे रखी है। वार्ड प्रभारी और शक्ति केंद्र संयोजक इसकी रिपोर्ट मंडल प्रभारी को कर रहे हैं। विधानसभा प्रभारी: सरदारपुरा, शहर और सूरसागर विधानसभा के अनुसार 3 विधानसभा प्रभारी नियुक्त किए हैं। मंडल प्रभारी हर रोज इन विधानसभा प्रभारी को अपने-अपने वार्डों की रिपोर्ट सौंपते हैं। चुनाव संचालन समिति: इसके संयोजक पूर्व महापौर घनश्याम ओझा हैं। यह समिति ये मॉनिटरिंग देख रही है कि कहीं प्रचार-प्रसार में कमी तो नहीं। कैंडिडेट को कहां पर किस नेता की जरूरत है। किस जातिय समीकरण को साधने की आवश्यकता है। भाजपा के ये बड़े चेहरे संभाल रहे हैं चुनावी मैदान इन निकाय चुनावों को भाजपा के बड़े नेताओं ने संभाल रखा है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत खुद चुनावी मैदान में है। जोधपुर के अलावा आस-पास के निकायों में भी वे कार्यकर्ताओं और आमजन से मिल रहे हैं। इसके अलावा शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, महेंद्र राठौड़ और जसवंत सिंह समेत बड़े नेताओं ने चुनावी कमान को संभाल रखी है। भाजपा की सांख दांव पर इन निकाय चुनावों में भाजपा इसलिए भी पूरी तरह से एक्टिव है क्योंकि यहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल समेत भाजपा के विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण में स्थानीय विधायकों के साथ केंद्रीय मंत्री शेखावत की भी खूब चली। वे जयपुर में हुई टिकट वितरण की संभाग की बैठक में भी थे। कांग्रेस में भी वार्ड प्रभारी का फॉर्मूला, चुनावी मैनेजमेंट में पूर्व सीएम पर्दे के पीछे कांग्रेस ने भी जोधपुर निगम के 100 वार्डों के लिए चुनावी मैनेजमेंट सिस्टम बनाया है। बताया जा रहा है कि चुनावी मैनेजमेंट पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर्दे के पीछे रहकर संभाल रहे हैं। जबकि चुनावी मैदान में कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं को शामिल किया गया है। वार्ड प्रभारी: कांग्रेस ने भी 100 वार्डों के लिए हर वार्ड में प्रत्याशी के साथ एक-एक वार्ड प्रभारी नियुक्त किया है। ये वार्ड प्रभारी प्रत्याशी के साथ हर समय रहते हैं। यानी 100 वार्ड प्रभारी हर वार्ड पर नजर रख रहा है। विधि विभाग: वार्ड प्रभारियों के साथ विधि विभाग की टीम को साथ में रखा गया है। ये टीम नॉमिनेशन के समय से लेकर चुनाव के अंतिम दौर तक प्रत्याशियों के साथ रहेगी। विधानसभा प्रभारी: कांग्रेस प्रत्याशियों के 100 वार्डों में रोजाना क्या हो रहा है, क्या-क्या किया और कैसे प्रचार-प्रसार हो रहा है। या फिर किसी की कोई नाराजगी तो नहीं, कहीं कार्यकर्ता तो नहीं रूठा है इन सभी की रिपोर्ट वार्ड प्रभारी इन्हें दे रहे हैं। इसी के अनुसार पूरे प्रचार-प्रसार का चुनावी मैनेजमेंट ये टीम संभाल रही है। कांग्रेस के ये बड़े नेता संभाल रहे हैं चुनावी मैदान निकाय चुनावों में कांग्रेस के भी बड़े नेताओं ने कमान संभाल रखी है। इनमें पूर्व जेडीए चेयरमैन राजेंद्र सोलंकी प्रमुख हैं। वे पूर्व सीएम अशोक गहलोत के करीबी हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक मनीषा पंवार, लोकसभा प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा, सूरसागर विधानसभा प्रभारी शहजाद खान, सलीम खान, रमेश बोराणा और संगठन महामंत्री कुश गहलोत शामिल हैं। यहां से पूर्व सीएम की प्रतिष्ठा दांव पर जोधपुर का निकाय चुनाव भाजपा के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व सीएम अशोक गहलोत की प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। हालांकि पूर्व सीएम अशोक गहलोत की मौजूदगी अभी सामने नहीं आई है। लेकिन, बताया जा रहा है कि पर्दे के पीछे रहकर वे इस पूरे चुनावी मैनेजमेंट को संभाल रहे हैं। इसका एक कारण ये भी है कि जोधपुर में कांग्रेस प्रत्याशियों के टिकट वितरण को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत की चली है।
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केंद्रीय-मंत्री से लेकर पूर्व विधायक तक चुनावी मैदान में उतरे:दोनों दलों के बड़े नेता संभाल रहे चुनावी मैनेजमेंट, हर वार्ड में बनाए प्रभारी
