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चंडीगढ़ सुखना लेक के पास अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर:हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई, अधिकारियों को निर्माण रोकने के निर्देश




चंडीगढ़ सुखना झील के कैचमेंट एरिया में निर्माण पर रोक के बावजूद कैंवबाला गांव में हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध रूप से किए गए निर्माण और अतिक्रमण को तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार पून्य शर्मा की अगुवाई में की गई। प्रशासन की टीम ने मौके पर उन निर्माणों को हटाया, जिन्हें नियमों के खिलाफ बनाया गया था। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि किसी तरह का विरोध या विवाद न हो। दरअसल, कांवाला गांव में निर्माण पर रोक के बावजूद बड़ी संख्या में निर्माण और नई बाउंड्री वॉल बनाए जाने का मामला सामने आया था। 27 अगस्त को चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दावा किया था कि राजस्व अधिकारियों के मौके पर निरीक्षण के दौरान कोई नया निर्माण नहीं मिला। इसके कुछ दिन बाद कोर्ट द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट में मौके पर बड़ी संख्या में निर्माण और नई बाउंड्री वॉल मिलने की बात सामने आई। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। रिपोर्ट और मौके के वीडियो देखने के बाद हाईकोर्ट ने प्रशासन के दावे पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि जब डिवीजन बेंच ने निर्माण पर रोक लगा रखी है तो ऐसी गतिविधियां कैसे हो रही हैं। अधिकारियों को निर्माण रोकने के निर्देश हाईकोर्ट ने राजस्व अधिकारियों को हलफनामा दाखिल कर उन लोगों की पहचान बताने के निर्देश दिए थे, जिन्होंने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर बाउंड्री वॉल या अन्य निर्माण किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखना और किसी भी अनधिकृत निर्माण को रोकना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। 2020 में सुखना को घोषित किया जीवित इकाई मार्च 2020 में हाईकोर्ट ने सुखना झील को जीवित इकाई घोषित करते हुए कैचमेंट एरिया में कई गतिविधियों पर रोक लगाई थी। पंजाब और हरियाणा पर कैचमेंट एरिया को नुकसान पहुंचाने के लिए 100-100 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। सर्वे ऑफ इंडिया की 2004 की रिपोर्ट के आधार पर कैचमेंट एरिया में बने निर्माण हटाने के आदेश भी दिए गए थे।



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