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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ दायर मानहानि मामले की आज मानसा की अदालत में सुनवाई थी। यह मामला पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया ने दायर किया है। वकीलों की हड़ताल और जज के छुट्टी पर होने के कारण आज कोई सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब अगली तारीख 25 सितंबर, 2026 तय की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अदालत में पेश नहीं होने पर मानशाहिया ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार अदालत में पेश होना जरूरी है। इस पर फैसला अदालत को ही करना है। मानशाहिया ने बताया कि वह खुद हर तारीख पर अदालत में मौजूद रहते हैं। अदालत का नजरिया सबके प्रति हो समान मानशाहिया ने कहा कि अगर वह कभी अनुपस्थित होते हैं, तो अदालत उनके खिलाफ कार्रवाई या निर्देश देती है। मानशाहिया के मुताबिक, अदालत का नजरिया आरोप लगाने वाले और जिस पर आरोप लगा है, दोनों के लिए एक जैसा होना चाहिए। हर तारीख पर अदालत की प्रक्रिया के अनुसार स्थिति देखी जाए मानशाहिया ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट मांगी थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका के फैसले होने तक उन्हें यह राहत दी है। हालांकि, मामले की हर तारीख पर अदालत की प्रक्रिया के अनुसार स्थिति देखी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने लगाए थे गंभीर आरोप मानशाहिया ने अपने मानहानि केस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2019 में जब उन्होंने कांग्रेस जॉइन की थी, तो अगले ही दिन भगवंत सिंह मान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मानशाहिया का आरोप है कि उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। मुख्यमंत्री मान ने कथित तौर पर कहा था कि नाजर सिंह को कांग्रेस में शामिल करने के लिए 10 करोड़ रुपए दिए गए हैं और उन्हें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। इन्हीं आरोपों को लेकर मानशाहिया ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
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CM मान के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई टली:पूर्व विधायक मानशाहिया ने दायर किया है मामला; 25 सितंबर को अगली सुनवाई
