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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान कानून और सुप्रीम कोर्ट के तय किए गए नियमों का पालन सुनिश्चित करने को लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने तीनों प्रशासन को हलफनामा दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है कि गिरफ्तारी के समय नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों का पालन किस तरह किया जा रहा है। कोर्ट यह भी जानना चाहता है कि यदि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन होता है तो इसके लिए जिम्मेदारी किस अधिकारी की तय की जाती है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। हाईकोर्ट ने यह कदम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। गिरफ्तारी व्यक्ति की आजादी से जुड़ा गंभीर मामला हाईकोर्ट के सामने यह मुद्दा उठा कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से सीधे जुड़ा मामला है। इसलिए कानून और सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के लिए कई नियम और सुरक्षा उपाय तय किए हैं। इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय उसके कानूनी अधिकारों का उल्लंघन न हो और पुलिस पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार करे। गिरफ्तारी के दौरान व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताना जरूरी होता है। इसके अलावा गिरफ्तारी से संबंधित जरूरी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज करना और गिरफ्तार किए जा रहे व्यक्ति को उसके अधिकारों के बारे में जानकारी देना भी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस जमीनी स्तर पर नियमों का पालन कैसे करती है? हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि इन नियमों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। अदालत यह जानना चाहती है कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तारी से जुड़े नियमों के बारे में किस तरह जानकारी और निर्देश दिए जाते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि थानों और अन्य पुलिस इकाइयों में इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था है। तीनों प्रशासन को अपने हलफनामे में गिरफ्तारी प्रक्रिया से जुड़े सुरक्षा उपायों के पालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। नियम टूटे तो जिम्मेदार अधिकारी पर क्या कार्रवाई होगी? हाईकोर्ट ने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि यदि किसी पुलिस अधिकारी द्वारा गिरफ्तारी के दौरान कानून या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ जवाबदेही कैसे तय की जाती है। कोर्ट यह देखेगा कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई करने का प्रावधान है और क्या ऐसी व्यवस्था वास्तव में लागू की जा रही है। हाईकोर्ट का यह रुख इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पुलिस को कानून के तहत गिरफ्तारी का अधिकार दिया गया है, लेकिन इसके साथ ही गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी अधिकारों की रक्षा करना भी जरूरी है। अदालत ने साफ तौर पर तीनों प्रशासन से गिरफ्तारी के दौरान लागू कानूनी सुरक्षा उपायों की स्थिति बताने को कहा है। अब पंजाब सरकार, हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के समय नियमों के पालन को लेकर हलफनामा दाखिल करना होगा। हलफनामे आने के बाद हाईकोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा और देखेगा कि गिरफ्तारी से जुड़े कानूनी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
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हाईकोर्ट बोला गिरफ्तारी के नियम तोड़ने पर जिम्मेदार कौन:पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ से मांगा हलफनामा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश-कानूनी नियमों का पालन कैसे हो रहा
