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80s AI फोटो ट्रेंड को लेकर पुलिस का अलर्ट:फोटो डालकर बन रहे रेट्रो स्टार,कहीं प्राइवेसी दांव पर ना लग जाए,डीपफेक और डेटा से जुड़े खतरे




सोचिए, आज की आपकी एक फोटो अचानक 1980 के दशक में पहुंच जाए… बड़े बाल, डेनिम शर्ट-पैंट, रेट्रो अंदाज और पुराने जमाने का बैकग्राउंड। इन दिनों AI यही कमाल कर रहा है और सोशल मीडिया पर लोग अपनी तस्वीरों को 80s के लुक में बदलकर जमकर शेयर कर रहे हैं। इंस्टाग्राम फीड हो या वॉट्सऐप स्टेटस, हर तरफ रंगीन और पुरानी यादें ताजा करने वाली तस्वीरें नजर आ रही हैं। साइबर मुखी बोले… लेकिन इस ट्रेंड में एक पेंच भी है। इस कारण लुधियाना पुलिस लोगों को अलर्ट और चेतावनी दोनों दे रही है। साइबर सेल के मुखी इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में 80s AI ट्रेंड को लेकर कई खुलासे किए। सतबीर सिंह ने बताया कि जो लोग भी इस तरह की किसी भी एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहे है उन्हें इनकी ट्रम और कंडीशन एक बार जरूर चैक कर लेनी चाहिए। क्योंकि सीधे तौर पर लिखा है कि AI आपकी तस्वीर का कही भी इस्तेमाल कर सकती है। लोगों की सार्वजनिक जानकारियां कई फ्राड एप्प के जरिए साइबर ठगों तक पहुंच जाती है। लोगों को सिर्फ विश्वसनीय एप्प का इस्तेमाल करना चाहिए। जो एप्प थर्ड पार्टी होती है उसका बिल्कुल इस्तेमाल ना करें। लोग अपने बच्चों व विशेषकर महिलाओं की तस्वीरें इन थर्ड पार्टी AI एप्प पर शेयर ना करें। पहली नजर में यह ट्रेंड पूरी तरह मनोरंजन वाला लगता है। लेकिन अपनी फोटो किसी AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उस तस्वीर के साथ क्या-क्या जानकारी जुड़ी हो सकती है और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है। फोटो में सिर्फ चेहरा नहीं, कई दूसरी जानकारियां भी हो सकती हैं
इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने बताया कि आपकी फोटो में स्क्रीन पर दिखाई देने वाली चीजों के अलावा भी डिजिटल जानकारी मौजूद हो सकती है। किसी व्यक्ति का चेहरा उसकी पहचान से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी माना जा सकता है। इसके अलावा ओरिजनल इमेज फाइल में मेटाडेटा मौजूद हो सकता है। इसमें फोटो खींचे जाने की तारीख, इस्तेमाल किए गए डिवाइस या सॉफ्टवेयर और कुछ परिस्थितियों में लोकेशन जैसी जानकारी भी शामिल हो सकती है। फोटो के बैकग्राउंड से भी काफी जानकारी सामने आ सकती है। उदाहरण के लिए घर का नंबर, सड़क का साइन, वाहन की नंबर प्लेट, ऑफिस या दुकान का नाम और तस्वीर में मौजूद दूसरे लोगों की पहचान जैसी चीजें अनजाने में सामने आ सकती हैं। लोगों को अपने दस्तावेज बिल्कुल भी अपलोड नहीं करने चाहिए। कुछ लोग अपने दस्तावेज नए या पुराने लुक में बनाने के लिए इनका इस्तेमाल करते है जो सरासर उनके लिए साइबर खतरा पैदा कर सकता है। ChatGPT पर फोटो अपलोड करने के बाद क्या होता है? माहिरों के मुताबिक जब कोई यूजर ChatGPT पर तस्वीर अपलोड करता है तो वह उसके साथ होने वाली बातचीत का हिस्सा बन जाती है। इसे संबंधित सेवा की डेटा नीतियों के तहत संभाला जाता है। OpenAI की नीतियों के अनुसार, उपभोक्ता सेवाओं में यूजर का कंटेंट, जिसमें इमेज भी शामिल हो सकती है, कुछ परिस्थितियों में मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर अपलोड की गई फोटो अपने आप AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल होती है। यह इस्तेमाल की जा रही सेवा और यूजर की डेटा सेटिंग्स पर निर्भर करता है। सबसे बड़ा सवाल: चेहरे की प्राइवेसी
AI फोटो ट्रेंड में सबसे महत्वपूर्ण चिंता प्राइवेसी को लेकर है। हाई-क्वालिटी चेहरे की तस्वीर किसी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने का मतलब है कि उस तस्वीर की एक डिजिटल कॉपी सेवा तक पहुंच रही है। चेहरा ऐसी जानकारी है जिसे बाद में पासवर्ड की तरह बदला नहीं जा सकता। इसलिए विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि किसी भी AI टूल पर फोटो अपलोड करने से पहले यह समझें कि डेटा किस तरह स्टोर और प्रोसेस किया जा सकता है। अगर संवेदनशील डेटा गलत हाथों में पहुंच जाए तो पहचान की नकल, धोखाधड़ी या ब्लैकमेल जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं। डीपफेक का भी खतरा
AI से बनाई जा रही तस्वीरों का एक दूसरा पहलू डीपफेक है। अगर किसी व्यक्ति की हाई-क्वालिटी तस्वीर साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है तो उसका इस्तेमाल नकली फोटो या वीडियो तैयार करने में किया जा सकता है। ऐसे कंटेंट का इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाने, किसी व्यक्ति के नाम पर ठगी करने या परिवार और परिचितों को धोखा देने के लिए किया जा सकता है। यही वजह है कि किसी वायरल AI ट्रेंड को देखकर बिना सोचे-समझे अपनी हर फोटो अपलोड करना सही नहीं है। फोटो अपलोड करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान -फोटो का गैर-जरूरी बैकग्राउंड क्रॉप कर दें।
-घर का नंबर, वाहन की नंबर प्लेट और अन्य निजी जानकारी ब्लर कर दें।
-बच्चों या दूसरे लोगों की तस्वीर उनकी अनुमति के बिना अपलोड करने से बचें।
-महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी रिकॉर्ड और अत्यधिक संवेदनशील तस्वीरें AI टूल पर अपलोड न करें।
-फोटो बनाने से पहले अपनी डेटा और प्राइवेसी सेटिंग्स जरूर जांचें।
-जरूरत न हो तो एक ही फोटो के दर्जनों AI वर्जन बनाने से बचें।
-संवेदनशील फोटो के लिए Temporary Chat जैसे विकल्पों पर विचार करें।



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