गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाने की तैयारी है। रघुवीर पुरी स्थित श्री अखलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों को निःशुल्क ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं वितरित की गईं। वहीं, श्री वार्ष्णेय मंदिर में 14 से 23 सितंबर तक गणेश पूजा महोत्सव आयोज
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ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा वितरित करते सीडीओ।
अखलेश्वर मंदिर में आयोजित प्रतिमा वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीडीओ योगेंद्र कुमार ने कहा कि ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा की स्थापना से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है। उन्होंने पीओपी की प्रतिमाओं से नदियों के प्रदूषित होने और जलीय जीवों को नुकसान पहुंचने की बात कही। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सतीश गौड़ ने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाओं की स्थापना और विसर्जन सनातन परंपरा का हिस्सा है। कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि छात्र-छात्राओं के बीच भी जागरूकता अभियान चलाकर पीओपी प्रतिमाओं से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई।

श्री वार्ष्णेय मंदिर के आयोजन की जानकारी देते पदाधिकारी।
वार्ष्णेय मंदिर में 10 दिन होंगे कार्यक्रम श्री वार्ष्णेय मंदिर, जीटी रोड पर 14 सितंबर से गणेश पूजा महोत्सव शुरू होगा। पहले दिन शाम 7 बजे गणेश प्रतिमा स्थापना, अभिषेक और भजन संध्या होगी। 15 सितंबर को संगीतमय सुंदरकांड, 16 सितंबर को माता की चौकी और 17 सितंबर को 5 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता होगी। इसके बाद 18 सितंबर को बांके बिहारी भजन संध्या, 19 सितंबर को बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम और 20 सितंबर को जैमिनी भजन संध्या आयोजित होगी। 1100 थालों से महाआरती, फिर निकलेगी शोभायात्रा 21 सितंबर शाम 7 बजे 1100 थालों से गजानन की महाआरती होगी। इसके साथ फूल बंगला, छप्पन भोग और भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। 22 सितंबर को हरिनाम संकीर्तन होगा। महोत्सव का समापन 23 सितंबर को सुबह 10 बजे विसर्जन शोभायात्रा से होगा। शोभायात्रा श्री वार्ष्णेय मंदिर से शुरू होकर आगरा रोड स्थित मुंशीलाल लोहेवाले परिवार के प्रतिष्ठान पर पहुंचेगी। समिति की ओर से प्रत्येक दिन उपस्थिति पुरस्कार भी दिए जाएंगे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से गणेश महोत्सव के कार्यक्रमों में शामिल होने और पर्यावरण संरक्षण के लिए ईको फ्रेंडली प्रतिमाओं को अपनाने की अपील की है।
