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Gariaband Medical Store Illegal Treatment Controversy


छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरे में बुजुर्ग मरीज का इलाज करने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में एक व्यक्ति मरीज को इंजेक्शन लगाते दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि इलाज करने वाले व्यक्ति के पास दवा बेचने की भी डिग्री न

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मामला अमलीपदर थाना क्षेत्र के सरनाबहाल का है। जानकारी के अनुसार, जिले में करीब 300 मेडिकल स्टोर हैं। इनमें करीब 60 देवभोग और मैनपुर क्षेत्र में हैं। आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में कई जगह मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

वहीं, वायरल वीडियो को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर धर्मवीर ध्रुबे का कहना है कि मामले की मेडिकल स्टोर पहुंचकर जांच की जाएगी। इसके अलावा संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर उसके कार्रवाई की जाएगी।

देखिए पहले ये तस्वीरें…

पहले मेडिकल से दवा निकाली, फिर पीछे कमरे में लगाया इंजेक्शन

जानकारी के मुताबिक मेडिकल का नाम धनेश्वर मेडिकल है। एक व्यक्ति मरीज से मोबाइल पर बात करते हुए दवा निकालता है। इसके बाद वह इंजेक्शन लेकर मेडिकल स्टोर के पीछे बने क्लिनिक जैसे कमरे में जाता है।

वहां बुजुर्ग मरीज को इंजेक्शन लगाता है। इस दौरान वहां मौजूद एक शख्स ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। जो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। गांव के कुछ लोगों के मुताबिक, मरीज के नाम धोबलेश्वर यादव है।

बिना डिग्री इलाज, फार्मासिस्ट सिर्फ कागजों में

ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ मेडिकल स्टोर संचालक ही मरीजों को दवा देने के साथ उनका इलाज भी करते हैं। कई जगह फार्मासिस्ट की औपचारिकता सिर्फ कागजों तक सीमित होने का भी आरोप है। दवा बेचने और इलाज करने वाले व्यक्ति के पास जरूरी डिग्री नहीं होती।

ड्रग इंस्पेक्टर बोले- मौके पर पहुंचकर होगी जांच

इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर धर्मवीर ध्रुबे ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जाएगी। वीडियो में जिस नाम का मेडिकल स्टोर दिखाई दे रहा है, वहां पहुंचकर पूरी जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि वीडियो में व्यक्ति मरीज का इलाज करते भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह नर्सिंग एक्ट से जुड़ा मामला भी है। सीएमएचओ को जानकारी देकर संयुक्त जांच कमेटी बनाई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी

अमलीपदर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोषित हुए चार साल से ज्यादा समय हो चुका है। इस केंद्र पर करीब 70 गांवों की लगभग एक लाख की आबादी निर्भर है। यहां चिकित्सकों की कमी बताई जा रही है।

क्षेत्र में दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 34 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें 40 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। वनांचल क्षेत्र होने के कारण ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों का निरीक्षण भी कई बार मुख्यालय तक ही सीमित रह जाता है।

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