![]()
रायसेन जिले के कई गांवों में नलजल योजना बंद होने से बारिश के मौसम में भी ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को बरबटपुर, सदालतपुर और नीमखेड़ा के ग्रामीणों ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से मुलाकात कर समस्या बताई। ग्रामीणों ने नलजल योजना को जल्द ठीक कराकर नियमित और साफ पानी उपलब्ध कराने की मांग की। 30 महीने से पैसे देने का दावा, फिर भी बंद हुई योजना बरबटपुर और सदालतपुर के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नलजल योजना के तहत पानी की टंकी और बिजली कनेक्शन मौजूद है। ग्रामीणों के अनुसार, वे करीब 30 महीने से नल चलाने वाले राकेश प्रेमनारायण को पानी और बिजली के लिए राशि जमा कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राकेश ने बिजली का बिल जमा नहीं किया, जिसके कारण नलजल योजना बंद हो गई। उनका यह भी कहना है कि जमा की गई राशि का हिसाब उन्हें नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई और जमा राशि का हिसाब दिलाने की मांग की है। नीमखेड़ा में 15-20 दिन से बंद नल, बेतवा से ला रहे पानी सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुरा केसरी के नीमखेड़ा गांव में भी करीब 15 से 20 दिनों से नलजल योजना बंद है। गांव की महिलाओं ने बताया कि नलों से पानी नहीं आने के कारण उन्हें बेतवा नदी से पानी लाकर पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी दूषित होने से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार नलजल योजना का बिजली बिल बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। हर महीने 200 रुपए देने के बाद भी मांगा जा रहा बिल नीमखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले से ही हर महीने प्रति कनेक्शन 200 रुपए दे रहे हैं। इसके बावजूद उनसे बिजली का बकाया बिल अलग से जमा कराने को कहा जा रहा है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव से भी समस्या का समाधान कराने की मांग की है। कलेक्टर से योजना शुरू कराने की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से मांग की है कि बरबटपुर, सदालतपुर और नीमखेड़ा में नलजल योजना तत्काल शुरू कराई जाए। साथ ही जमा राशि का हिसाब दिलाने और योजना बंद होने के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
Source link
रायसेन के गांवों में नलजल योजना बंद:नीमखेड़ा में 15 दिन से सप्लाई ठप, लोगों ने नियमित पानी देने की रखी मांग
