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- Road Repair Work For 3.38 Crore Rupees, Condition Of Repair Within 48 Hours; Corporation Admitted – Roads Are Damaged In 120 Places
ग्वालियर30 मिनट पहलेलेखक: अंशुल वाजपेयी
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शहर की सड़कों के गड्ढे भरने की व्यवस्था सिर्फ कागजों पर ही बेहद सख्त है। नगर निगम ग्वालियर ने शहर की सड़कों के लिए तीन साल का ठेका दे रखा है। गड्ढे या सड़क के खराब हिस्से की सूचना मिलने पर 48 घंटे में मरम्मत की शर्त है।
तय समय में काम नहीं हुआ तो प्रति गड्ढा प्रति घंटे 1000 रुपए जुर्माने तक का प्रावधान भी है। अब नगर निगम के अपने सर्वे में ही 120 स्थान ऐसे सामने आए हैं, जहां 12,397.17 वर्गमीटर सड़क की मरम्मत की जरूरत बताई गई है। यह पूरी सूची नगर निगम ने हाई कोर्ट में पेश अपने आवेदन में दी है।
सवाल इसलिए बड़ा है क्योंकि सड़कों की देखरेख की व्यवस्था कोई नई नहीं है। नगर निगम ग्वालियर ने 21 अगस्त 2025 को बारिश से पहले, बारिश के दौरान और उसके बाद सड़कों की मरम्मत तथा गड्ढे भरने के लिए निविदा निकाली थी।
काम ग्राम इंफ्राटेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को तीन साल के लिए दिया गया था। 20 नवंबर 2025 को कार्यादेश जारी हो गया। करार की लागत 3.38 करोड़ रुपए है। इसके बाद भी शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिस पर गड्ढे न हो।
रिपोर्ट में पिछला हिसाब नहीं बताया
निगम ने गिनाईं खराब जगहें, लेकिन ब्योरा नहीं दिया ठेके में साफ व्यवस्था है कि गड्ढे और खराब हिस्से की सूचना मिलने के बाद उन्हें 48 घंटे में दुरुस्त किया जाए। समय पर काम न होने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। लेकिन हाई कोर्ट में दिए गए निगम के आवेदन में सबसे जरूरी जानकारी नहीं है।
120 स्थानों में कितनी जगह की खराबी की सूचना पहले ठेकेदार को दी जा चुकी थी, कितनी जगह हाल में खराब हुई और कितने स्थानों पर इसी ठेके के तहत पहले मरम्मत हो चुकी थी। इसका कोई ब्यौरा रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
आधी से ज्यादा मरम्मत सिर्फ 10 स्थानों पर सूची में किलागेट चौराहे से कोटेश्वर रोड पर 412 वर्गमीटर, महाराजा कॉम्प्लेक्स से अटल पार्क होते हुए चावला मार्केट-कोठारी हाउस तक 393.4 वर्गमीटर और सतगुरु किराना से सिंधिया स्टेच्यू होते हुए नीम चौराहे तक 355.75 वर्गमीटर मरम्मत दर्ज है। राजीव प्लाजा-पोद्दार वाली गली में 400 वर्गमीटर तथा नदी गेट से इंदरगंज चौराहे तक मुख्य मार्ग पर 350 वर्गमीटर हिस्सा भी सूची में है।
ठेके में सिर्फ गड्ढा भरना नहीं, उसका रिकॉर्ड जरूरी मरम्मत कहां और कब की गई, इसका फोटो, स्थान और समय सहित रिकॉर्ड रखने की शर्त है। मरम्मत के बाद वही हिस्सा दोबारा उखड़ जाए तो ठेकेदार को बिना अतिरिक्त भुगतान के उसे फिर ठीक करना होगा। यानी निगम के पास सड़कें संभालने के लिए तीन साल का ठेका भी है, 48 घंटे की समय-सीमा में जुर्माने की व्यवस्था है, लेकिन इसके बाद भी शहर की सड़कों का बुरा हाल है।
दक्षिण विधानसभा की रोड के हाल ज्यादा खराब राजपाएगा रोड, कस्तूरबा चौराहे से गुड़ा-गुड़ी जाने वाला मार्ग, जवाहर कालोनी, राजीव नगर, गुड़ा-गुड़ी का नाका रोड पर सड़क कई जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ज्यादा बुरे हाल ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के हैं।

