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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने यूपीआई के जरिए 2 हजार रुपए से अधिक के चुनिंदा व्यापारी भुगतानों पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और उससे ठीक पहले यूपीआई पर चार्ज लगाने का फैसला आम जनता के लिए महंगा तोहफा है। हालांकि, नए नियम के मुताबिक 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेन-देन पर 0.4% MDR व्यापारी से लिया जाएगा। ग्राहक से सीधे यह शुल्क नहीं लिया जाएगा। 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेन-देन पर शुल्क अधिकतम 300 रुपए होगा। वहीं, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) भुगतान और 2 हजार रुपए तक के व्यापारी भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। सरकार ने मुफ्त यूपीआई का वादा किया था अजय राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने यूपीआई को मुफ्त रखने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 15 अक्टूबर से बड़े व्यापारी भुगतान पर MDR लगाया जा रहा है। राय ने कहा, “सरकार कहती है कि यह चार्ज ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि दुकानदार से लिया जाएगा। लेकिन दुकानदार यह खर्च आखिर किसकी जेब से निकालेगा? महंगाई के इस दौर में इसका असर कीमतों पर पड़ सकता है और आम आदमी, मजदूर, छात्र तथा छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ सकता है।” विदेशी कंपनियों के दबाव में फैसला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिकी दबाव में लिया गया है। उनके मुताबिक अमेरिकी कंपनियां भारत में मुफ्त यूपीआई व्यवस्था से परेशान थीं और उनके हित में सरकार ने डिजिटल भुगतान को महंगा करने का रास्ता चुना है। उन्होंने फोनपे और गूगल पे जैसी कंपनियों का नाम लेते हुए कहा कि इन कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर शुल्क लगाया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने ‘विदेशी दबाव’ के आरोप को खारिज किया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक यूपीआई से जुड़े फैसले भारत में ही लिए जाते हैं। सरकार का कहना है कि MDR सरकार द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों और अन्य भागीदारों के बीच वितरित किया जाएगा। ‘पेट्रोल-डीजल के बाद अब डिजिटल पेमेंट पर बोझ’ अजय राय ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। ऐसे में यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान माध्यम पर शुल्क लगाना आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कदम है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की “लूट नीति” का नया अध्याय बताया। राय ने कहा कि पहले पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद्यान्न की कीमतों को लेकर जनता परेशान है और अब डिजिटल भुगतान पर भी चार्ज लगाने की तैयारी है। कांग्रेस ने फैसला वापस लेने की मांग की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से नए MDR को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यूपीआई को पहले की तरह मुफ्त रखा जाना चाहिए और जनता को महंगाई एवं शुल्क के बजाय राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी रहेगी और पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ आवाज उठाएगी।
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यूपीआई पर चार्ज पीएम के जन्मदिन का तोहफा:कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय बोले- 2 हजार से ऊपर भुगतान पर MDR लगाना जनता पर बोझ
