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त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही तरनतारन जिले के पट्टी शहर में मिलावटी दूध, दही, पनीर, खोया, देसी घी और मिठाइयों की बिक्री का काला कारोबार जोर पकड़ने लगा है। मिलावटखोरी के इस खेल को लेकर अब स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर की कई डेयरियों और दुकानों पर धड़ल्ले से मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से न तो कोई ठोस जांच की जा रही है और न ही सैंपलिंग। आने वाले दिनों में दिवाली और अन्य त्योहारों के चलते दूध, पनीर और मिठाइयों की मांग में भारी इजाफा होने वाला है। लोगों का कहना है कि मुनाफा कमाने के चक्कर में कई डेयरी संचालक और दुकानदार लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की असल सच्चाई खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सैंपलिंग और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि इस संबंध में जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) डॉ. सुखबीर कौर औलख से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं की। अधिकारियों के इस रवैये से स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। जल्द शुरू होगा सैंपलिंग अभियान पूरे मामले पर तरनतारन के सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पट्टी शहर में खाद्य सुरक्षा टीम भेजकर दूध, पनीर, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के बड़े पैमाने पर सैंपल लिए जाएंगे। डॉ. धवन ने स्पष्ट किया कि यदि सैंपल फेल होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग कब नींद से जागकर पट्टी शहर में चेकिंग और सैंपलिंग अभियान चलाता है, ताकि त्योहारी सीजन में लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें।
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तरनतारन मिलावट की शिकायत, जल्द लिए जाएंगे सैंपल:दूध, मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का आरोप, विभाग पर उठे सवाल
