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टिप्स:ये हैं परफेक्शन को संभालने के 5 तरीके




परफेक्शनिज्म, यानी हर काम को सही तरीके से करने की चाह रखना। यह आपको बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन कई बार यही आदत बेवजह की चिंता बढ़ाती है और काम पूरा करने में ज्यादा समय लगवाती है। परफेक्शन के अच्छे पहलुओं का फायदा उठाएं, नकारात्मक असर को कम करें। 1. बड़ी तस्वीर पर ध्यान देना शुरू करें
अगर आप किसी ऐसे काम में लगातार छोटी चीजें सुधार रहे हैं, जिसे ज्यादातर लोग पहले ही पूरा मान चुके हैं, तो खुद को याद दिलाएं कि हर काम को परफेक्ट बनाना जरूरी नहीं है। कई बार काम को समय पर पूरा करना ही अच्छा होता है। खुद से पूछें कि जो बदलाव आप कर रहे हैं, क्या वे वास्तव में काम की गुणवत्ता में फर्क ला रहे हैं? अगर जवाब नहीं है, तो वहीं रुक जाना बेहतर है। 2. अपने मानक थोड़े लचीले रखें
अपनी संस्था के लिए कोई जरूरी मेमो या रिपोर्ट लिख रहे हैं, तो उसके पूरा होने का इंतजार करने के बजाय शुरुआती चरण में ही किसी सहकर्मी या वरिष्ठ अधिकारी को दिखा दें। हो सकता है आपको पता चले कि आपका काम पहले से ही पर्याप्त अच्छा है और उसमें ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं है। कुछ सुधार जरूरी हों, तो शुरुआती फीडबैक आपको सही दिशा देगा। 3. अपनी एक चेकलिस्ट बनाएं
किसी जरूरी क्लाइंट प्रेजेंटेशन या पिच पर काम करते समय परफेक्शनिस्ट व्यक्ति छोटी गलतियों को लेकर बहुत ज्यादा सोचता है, यहां तक कि हर सेमीकोलन पर ध्यान देता है। एक आसान चेकलिस्ट मदद कर सकती है। इसमें एडिटिंग की गलतियां जांचना, आंकड़े दोबारा देखना और जरूरी जानकारी शामिल करना लिख लें। इससे आपका ध्यान स्पष्ट और मापे जा सकने वाले लक्ष्यों पर रहेगा। 4. बार-बार सोचते रहने का चक्र तोड़ें
कई परफेक्शनिस्ट किसी समस्या या विचार को बार-बार मन में दोहराते हैं, लेकिन इससे समाधान तक पहुंचना जरूरी नहीं। इस चक्र को तोड़ने के लिए पहले यह जानें कि ऐसी सोच किन परिस्थितियों में शुरू होती है। खुद को थोड़ा समय दें। किसी दूसरे काम में ध्यान लगाना मदद कर सकता है। 10 मिनट के लिए कोई अलग काम करने से दिमाग को उस विचार से बाहर निकलने का मौका मिल सकता है। 5. किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें
अपने परफेक्शनिज्म को समझने का एक अच्छा तरीका है कि आप अपनी आदतों के बारे में किसी भरोसेमंद व्यक्ति से खुलकर बात करें। उनसे कहें कि यदि आपको लगे मैं किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा बारीकी तलाश रहा हूं, तो मुझे बताएं। किसी दूसरे व्यक्ति का निष्पक्ष नजरिया आपको यह समझने में मदद करता है कि कहां खुद पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।



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