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राजस्थान के गोगामेड़ी में पशु मेले का आयोजन हुआ, जो हरियाणा की सीमा से सटा है। इसमें हरियाणा, राजस्थान, पंजाब सहित कई राज्यों के पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचे। इस मेले में एक झोटा खास आकर्षण का केंद्र रहा। यह नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव खेड़ी का मुर्रा नस्ल का झोटा ‘नवाब’ है। इसके मालिक अशोक साहु ने इसका नाम ‘नवाब’ रखा है। ‘नवाब’ अपनी शानदार बनावट, ऊंचे कद और अच्छी नस्ल के गुणों के कारण प्रदर्शनी में चर्चा में रहा। वहीं, कुम्हारिया के झोटे ‘जीत’ को चौथा स्थान मिला। ‘नवाब’ ने मेले की मुख्य श्रेणियों में जीत दर्ज कर अपनी श्रेष्ठता दिखाई। उसे गोगामेडी चैंपियन का खिताब मिला और 15 हजार 100 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। मेले में आए लोगों और मेला कमेटी के आयोजकों ने उसकी उपलब्धियों की तारीफ की। करणपुरा के सोनू की भैंस को पहला स्थान मिला पशु मेले के पहले दिन भैंस और झोटों की प्रतियोगिता हुई। भैंस प्रतियोगिता में करणपुरा के सोनू पुत्र ईश्वरसिंह की भैंस को पहला स्थान मिला, जबकि सागड़ा के सत्येंद्र पुत्र इंद्रसिंह की भैंस दूसरे स्थान पर रही। हिसार हरियाणा के सुनील खारिया, रणधीर गोगामेड़ी, नेतराम पीरकामड़िया, रणधीर गोगामेड़ी, राम कैलाश अमरपुरा और महेंद्रसिंह रामगढ़ की भैंसों को सांत्वना पुरस्कार मिला। अशोक साहु के झोटे को प्रथम स्थान मिला झोटा प्रतियोगिता में सिरसा हरियाणा के खेड़ी के अशोक साहु के झोटे को प्रथम स्थान मिला। सूरतपुरा के राजेश बेनीवाल के झोटे को दूसरा स्थान मिला। वहीं, हरियाणा के राजेश खारिया, विकास कुम्हारिया, सुरेंद्र रामगढ़, रणसिंह भिरानी, सुभाष ढंढ़ेला और भीम करणपुरा के बुल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सोमवार को ऊंट और घोड़ी प्रतियोगिता होगी पशु मेला प्रभारी दिनेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि पहले और दूसरे स्थान पर आने वालों को पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि पांचवें स्थान तक आने वालों को सांत्वना पुरस्कार और प्रमाण पत्र मिलेगा। प्रतियोगिता के दूसरे दिन सोमवार को ऊंट और घोड़ी प्रतियोगिता होगी। लम्पी रोग के कारण विभाग ने गायों की प्रतियोगिता नहीं कराने का फैसला किया है।
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गोगामेड़ी पशु मेले में हरियाणा के पशु अव्वल रहे:नाथूसरी का नवाब झोटा प्रथम, कुम्हारिया का जीत चौथे स्थान पर
