![]()
बठिंडा में नशे के मुद्दे को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा और तेज कर दिया है। बठिंडा से सांसद और SAD की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार को रामपुरा फूल और नथाना में महिलाओं की सभाओं को संबोधित किया। इसके बाद उनकी अगुवाई में मार्च निकालकर कार्यकारी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपे गए। अकाली दल ने इसे पंजाब की ‘मां-बेटियों’ को न्याय दिलाने की मुहिम बताया। हरसिमरत बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार गांव-गांव तक पहुंच गया है और इससे युवाओं की एक पूरी पीढ़ी प्रभावित होने का खतरा है। उन्होंने महिलाओं से नशे के खिलाफ आगे आने की अपील करते हुए कहा कि गांव-गांव जाएं और नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाएं। ‘घर तक हो रही ड्रग्स की डिलीवरी’
हरसिमरत ने दावा किया कि महिलाएं उनसे मिलकर अपने बेटों के नशे की चपेट में आने की शिकायत कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की होम डिलीवरी तक हो रही है। कांग्रेस और AAP दोनों ने सत्ता में आने से पहले नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में स्थिति और खराब हुई है। हरसिमरत ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे के मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय प्रचार पर पैसा खर्च करने का आरोप लगाया। 5 करोड़ के कथित रिश्वत मामले की स्वतंत्र जांच की मांग
अकाली दल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े 5 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के आरोपों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की गई। हरसिमरत ने कहा कि पूरे प्रकरण में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हरसिमरत बादल ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के साथ कथित पुलिस ज्यादती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सुनाम के मोहनजीत सिंह और दिड़बा के गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए पुलिस कार्रवाई और उनके साथ हुए कथित व्यवहार की स्वतंत्र जांच की मांग की। नशे के कारोबारियों से वसूली हो रही है ‘मंथली’
हरसिमरत ने AAP सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि नशे के कारोबारियों से कथित तौर पर ‘मंथली’ वसूली हो रही है और इसी वजह से नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि नशे के कारोबारियों को किसका संरक्षण मिल रहा है और पुलिस उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही। 2027 का चुनावी संदेश भी दिया
हरसिमरत बादल ने महिलाओं से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को पहले ₹1,000 प्रति माह यानी ₹60 हजार सालाना देने का वादा किया गया था, जबकि अब ₹3,000 दिए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने राशन, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की परेशानियां दूर करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में महिलाएं सरकार को इसका जवाब देंगी। SAD सत्ता में आई तो 10 साल तक जमानत रोकने वाला कानून लाने का दावा
हरसिमरत ने कहा कि नशे के कारोबार को रोकने के लिए अकाली दल सत्ता में आने पर कड़े कानून लाएगा। उन्होंने दावा किया कि ड्रग तस्करों को 10 साल तक जमानत न मिलने और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने आटा-दाल योजना, बुजुर्ग पेंशन और शगुन योजना के लाभ बढ़ाने तथा पंजाब के सभी गांवों में सिलाई केंद्र स्थापित करने जैसी योजनाएं शुरू करने की बात कही। कार्यक्रम में अकाली दल के वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका और डॉ. दलजीत सिंह गुरु समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
Source link
बठिंडा में हरसिमरत बादल का मान सरकार पर हमला:‘मां-बेटियां न्याय के लिए उठें, AAP-पुलिस गठजोड़ तोड़ें, नशे पर कार्रवाई के लिए SDM को ज्ञापन सौंपा
