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पंजाब पुलिस से जुड़ा एक कथित ऑडियो और सरकारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी और सामाजिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे पर कई नेताओं ने सरकार व पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इसी क्रम में खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र की इंचार्ज अकाली नेता रमनदीप कौर शेरों और गांव शेरों के सरपंच अवतार सिंह बिल्ला शेरों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। “सुरक्षा देने वाली पुलिस खुद डरी तो आम जनता कहां जाएगी?” रमनदीप कौर शेरों और सरपंच अवतार सिंह बिल्ला शेरों ने कहा कि अगर पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस खुद ही हमलों के खौफ में रहेगी, तो आम लोग किसके पास जाएंगे? उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब एक सरहदी राज्य है, जहां सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है। ऐसे में खुद पुलिसकर्मियों के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होना बेहद गंभीर विषय है, जिस पर सरकार को तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है। फतेहाबाद में कारोबारी पर गोली चलाने के प्रयास का जिक्र सरपंच अवतार सिंह बिल्ला शेरों ने हाल ही में फतेहाबाद में घटी एक आपराधिक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां एक व्यापारी पर बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली चलाने का प्रयास किया गया। गनीमत रही कि गोली नहीं चली और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यापारियों और आम लोगों के मन में डर का माहौल पैदा करती हैं। उन्होंने दावा किया कि फतेहाबाद के दुकानदारों को पहले भी गोलीबारी जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है। ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा और पुख्ता इंतज़ामों की मांग बिल्ला शेरों ने आरोप लगाया कि फतेहाबाद के मुख्य बाजारों और अति-संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त और सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन धरातल पर ऐसे कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। उन्होंने साफ कहा कि जनता को सिर्फ खोखले बयानों की नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि वह कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को गंभीरता से ले और त्वरित कदम उठाकर जनता में सुरक्षा का विश्वास बहाल करे।
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पुलिस के वायरल ऑडियो व पत्र पर बवाल:पंजाब पुलिस पर उठे सवाल, रमनदीप कौर शेरो बोलीं- पुलिस डरेगी तो आम लोग कहां जाएंगे?
