चंडीगढ़ को ‘मॉडल ईवी सिटी’ बनाने के उद्देश्य से सितंबर 2022 में लागू की गई 5 साल की ईवी पॉलिसी की हवा 4 साल में ही निकल गई है। प्रशासन ने पॉलिसी में चौथा संशोधन करते हुए सभी तरह की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलने वाली नकद सब्सिडी को तुरंत प्रभाव से पूरी तरह खत्म कर दिया है। चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद के निर्देशों के बाद डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंड रिन्यूएबल एनर्जी ने इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। खास बात यह है कि पिछले साल हुई प्रशासनिक बैठक में सब्सिडी और गाड़ियों का कोटा बढ़ाने का फैसला लिया गया था, लेकिन अधिकारी बदलते ही फैसले भी पलट गए। हाल की बैठकों में फाइनेंस डिपार्टमेंट ने सब्सिडी के लिए बजट की कमी का मुद्दा भी उठाया था। ईवी पॉलिसी के तहत चंडीगढ़ प्रशासन अब तक 5,813 गाड़ियों पर कुल 34.39 करोड़ रुपए की सब्सिडी बांट चुका है। अब तक कितना मिला फायदा… सब्सिडी बंद करने के पीछे 3 प्रमुख कारण ईवी से जुड़ा काम ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को देने की तैयारी
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इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सब्सिडी खत्म चार साल में ही प्रशासन की ‘बैटरी लो’
