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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब न्यायिक सेवा की भर्ती में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को जनरल कैटेगरी में एडजस्ट करने को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार जनरल कैटेगरी में चयनित अंतिम उम्मीदवार से अधिक अंक हासिल करता है और उसने आरक्षण का कोई लाभ नहीं लिया है, तो उसे आरक्षित कोटे के बजाय जनरल कैटेगरी में एडजस्ट किया जाना चाहिए। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने शिवदीप सिंह हंस और अन्य की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। मामला पंजाब लोक सेवा आयोग की ओर से 6 सितंबर, 2022 को जारी भर्ती विज्ञापन से जुड़ा था। इस भर्ती में सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के कुल 159 पद विज्ञापित किए गए थे। इनमें 52 पद जनरल, 15 पद पिछड़ा वर्ग और 3 पद पिछड़ा वर्ग पूर्व सैनिक LDESM के लिए थे। 4 BC उम्मीदवारों के अंक जनरल के अंतिम चयनित से ज्यादा याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि BC चयन सूची में शामिल चार उम्मीदवारों को जनरल कैटेगरी में एडजस्ट किया जाना चाहिए था। इनमें दिव्यानी लूथरा ने 562, डॉफिन गोत्रा ने 561.63, योगिता ने 560.88 और मनमीत कौर ने 556.63 अंक हासिल किए थे। वहीं, जनरल कैटेगरी में अंतिम चयनित उम्मीदवार मानव गर्ग के 554 अंक थे। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी PCS (JB) 2022-23 की BC मेरिट सूची में इन अंकों की पुष्टि होती है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इन उम्मीदवारों को जनरल कैटेगरी में एडजस्ट करने से BC कोटे की सीटें मेरिट में उनके बाद आने वाले उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध हो सकती थीं। आरक्षण का लाभ नहीं लिया तो जनरल कैटेगरी में मौका हाईकोर्ट ने पाया कि चारों उम्मीदवारों के जनरल कैटेगरी के अंतिम चयनित उम्मीदवार से अधिक अंक हैं और उन्होंने आरक्षण का कोई लाभ नहीं लिया है। इस स्थिति पर कोई विवाद नहीं था। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे उम्मीदवारों को उनकी मेरिट के आधार पर जनरल कैटेगरी में एडजस्ट किया जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को हटाने का आदेश नहीं दिया। अदालत ने पाया कि निजी प्रतिवादियों की नियुक्ति मार्च 2024 में जनरल कैटेगरी में हुई थी और अप्रैल 2024 में उनकी तैनाती की गई थी। वे ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और दो साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। खाली पदों पर 3 याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति पर विचार के निर्देश हाईकोर्ट ने उपलब्ध खाली पदों को ध्यान में रखते हुए शिवदीप सिंह हंस, बलवीर कौर और शरणप्रीत कौर को BC मेरिट के आधार पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्ति के लिए विचार करने का निर्देश दिया। उन्हें मेरिट के अनुसार वरिष्ठता का लाभ मिलेगा। हालांकि, वेतन समेत नियुक्ति का वास्तविक लाभ उनकी वास्तविक नियुक्ति की तारीख से मिलेगा। अन्य लाभ और वरिष्ठता काल्पनिक आधार पर तय की जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले के आधार पर किसी अन्य श्रेणी के उम्मीदवार के लिए नया दावा पैदा नहीं होगा।
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पंजाब में मेरिट वाले आरक्षित उम्मीदवार जनरल में होंगे एडजस्ट:हाईकोर्ट का न्यायिक सेवा भर्ती में फैसला; 3 BC कैंडिडेट की नियुक्ति पर विचार के निर्देश
