डायन का आरोप लगाकर एक वृद्ध महिला को निर्वस्त्र कर मारपीट करने और दिनभर बंधक बनाकर रखने के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में सुखलाल किस्कू, मनोज किस्कू और मालिक हांसदा शामिल हैं। यह आदेश मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी आदित्य के न्यायालय से सुनाया गया है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक रिशु मरांडी ने कुल सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। घटना जरमुंडी प्रखंड के तालझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरमासा पंचायत के महेशालिटी गांव की है. बताया जाता है कि सोना लाल किस्कू दो फरवरी की रैली में शामिल होने के लिए दुमका गए थे। अगले दिन झामुमो समर्थकों को लेकर बस गांव पहुंची। इसी दौरान सोना लाल किस्कू अपनी सीट पर मृत पाए गए। ग्रामीणों में आशंका जताई जाने लगी कि ठंड लगने के कारण उनकी मौत हुई है। इसके बाद सोना लाल किस्कू के पुत्रों और गांव के कुछ लोगों ने उनकी मौत के लिए, एक वृद्ध महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया गया कि उक्त वृद्ध महिला ने डायन-बिसाही कर दी है, जिसके कारण सोना लाल किस्कू की मौत हुई। आरोप है कि इसके बाद ग्रामीणों ने वृद्ध महिला के साथ मारपीट की और उसे निर्वस्त्र कर दिया. महिला की बेटी और पुत्रवधू के साथ भी मारपीट की गई। वृद्ध महिला और उसकी बेटी को दिनभर बंधक बनाकर रखा गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक रिशु सोरेन ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया. अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने सुखलाल किस्कू, मनोज किस्कू और मालिक हांसदा को दोषी करार दिया है।
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डायन के आरोप में वृद्धा से मारपीट में तीन दोषी को 3-3 साल की सजा
