![]()
सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने के लिए फुलप्रूफ प्लान तैयार करके उसे एग्जिक्यूट करना शुरू कर दिया। पायलट के प्लान के तहत ही राहुल गांधी ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को फोन किया और उसके बाद वड़िंग ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को स्पष्ट कहा कि पंजाब में अगर कांग्रेस की सरकार बनानी है तो उन्हें इस्तीफा देना होगा, राहुल का फोन आते ही राजा वड़िंग प्रधान पद से इस्तीफा देने को तैयार हो गए हैं। पार्टी जल्दी ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि प्रधान पद के लिए सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा व पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का नाम भी चल रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ मीटिंग भी कर दी है और उन्हें 2027 का पूरा प्लान समझा दिया है। जानकारी के अनुसार दो अक्तूबर को गांधी जयंती के दिन पार्टी नए प्रधान का नाम घोषित कर सकती है। इसी प्लान के तहत सचिन ने यूथ व पार्टी प्रधानों को दिल्ली तलब किया और उन्हें साफ कह दिया था कि अगर कोई भी नेता गुटबाजी में फंसा तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। नेताओं को आगाह करने के बाद पार्टी ने वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया ताकि उनको हटाने पर पार्टी में फिर से गुटबाजी न हो। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की बात को अपनी सैद्धांतिक जीत मान रहा है। चन्नी गुट शुरू से यही डिमांड कर रहा था कि वो राजा वड़िंग की प्रधानगी में काम नहीं करेंगे। पंजाब कांग्रेस के क्या है सचिन पायलट का प्लान जानिए…. सेंट्रल पावर सिस्टम: पंजाब कांग्रेस में अब तक नेता दो प्रमुख धड़ों चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच बंटे हुए थे। पायलट ने सबसे पहले इस भ्रम को दूर किया कि पंजाब में फैसला लेने का अधिकार किसी गुट के पास है। उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और यूथ विंग के प्रभारियों को साफ संदेश दिया कि पंजाब कांग्रेस की पूरी पावर और निर्णय क्षमता अब सीधे केंद्रीय प्रभारी यानी सचिन पायलट के पास है। चन्नी-वड़िंग से पावर छीनकर सीधे कार्यकर्ताओं से जुड़ाव: पायलट ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चन्नी या वड़िंग को रिपोर्ट करने के बजाय सीधे उनके संपर्क में रहने का निर्देश दिया। इसके नतीजे तुरंत दिखने लगे; पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपने आकाओं के चक्कर काटने छोड़कर सीधे पायलट की कोर टीम और दिल्ली दरबार में अपनी रिपोर्टिंग शुरू कर दी है। इससे स्थानीय क्षत्रपों का एकाधिकार और दबाव बनाने की राजनीति पूरी तरह धराशायी हो गई। सिफारिश कल्चर’ का खत्म और ‘मेरिट बेस्ड’ टिकट: गुटबाजी का सबसे बड़ा कारण चुनाव के समय अपने चहेतों को टिकट दिलाना होता था। सचिन पायलट ने चन्नी और वड़िंग दोनों गुटों से जुड़े नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि आने वाले चुनावों में किसी भी बड़े नेता की ‘सिफारिश’ पर टिकट नहीं बांटी जाएगी। टिकट आवंटन का एकमात्र पैमाना ‘मेरिट’, सर्वे रिपोर्ट और धरातल पर नेता की छवि होगी। इस घोषणा ने गुटबाजी के सरगनाओं के पर काट दिए हैं। प्रधान और यूथ नेताओं को दिल्ली तलब: संगठनात्मक रीस्ट्रक्चरिंग के तहत सचिन पायलट ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के नेताओं, जिला प्रधानों और यूथ कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को दिल्ली तलब किया। बंद कमरे में हुई बैठकों में पायलट ने पंजाब के हालात पर सख्त रुख अपनाया और साफ कर दिया कि संगठन में अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाने का बेस बनाया: सचिन पायलट का मानना है कि किसी भी एक गुट का व्यक्ति यदि संगठन के शीर्ष पद पर रहेगा, तो दूसरा धड़ा हमेशा खुद को उपेक्षित महसूस करेगा। यही कारण है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाकर एक निष्पक्ष, सर्वस्वीकार्य और नए चेहरे को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस संबंध में पायलट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है। —
Source link
राहुल का फोन आया, वड़िंग ने की इस्तीफे की पेशकश:पायलट का पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने का प्लान, संगठन की कमान खुद संभाली; चन्नी गुट गदगद
