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अनूपपुर जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में बिजली गुल होने की समस्या अब दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने ब्लड बैंक, लैब और बाहरी परिसर के लिए इंतजाम किए हैं। ब्लड बैंक और लैब के लिए दो इनवर्टर लगाए गए हैं, जबकि बाहरी परिसर को सोलर पैनल से जोड़ा गया है। बिजली जाने पर भी ब्लड बैंक और लैब चलते रहेंगे अस्पताल में लगाए गए दो इनवर्टर से बिजली गुल होने की स्थिति में ब्लड की जांच और स्टोरेज का काम प्रभावित नहीं होगा। वहीं बाहरी परिसर में सोलर पैनल से रात के समय रोशनी की व्यवस्था की गई है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अंधेरे में आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। जेनरेटर का खराब पैनल दिल्ली भेजा था सिविल सर्जन डॉ. एसआर परस्ते ने बताया कि जेनरेटर के पैनल में खराबी आने से बिजली की समस्या बनी थी। यह पैनल ब्लड बैंक, लैब और बाहरी परिसर से जुड़ा था। खराब पैनल को सुधार के लिए दिल्ली भेजा गया था। अब पैनल सुधरकर वापस आ गया है और इसे जेनरेटर में लगाया जा रहा है। उन्होंने व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने की बात कही। भास्कर ने 26 सितंबर को उठाया था मुद्दा गौरतलब है कि 26 सितंबर को दैनिक भास्कर डिजिटल ने जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में रात के समय अंधेरे की समस्या को लेकर खबर प्रकाशित की थी। उस समय जेनरेटर का पैनल कई दिनों से खराब था और सुधार के लिए भेजा गया था। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और अस्पताल स्टाफ को परेशानी हो रही थी। बिजली कटौती से प्रभावित हुई थीं सेवाएं पुरानी बिल्डिंग में ओपीडी, दवा वितरण, ड्रेसिंग, इमरजेंसी उपचार, पुरुष और महिला वार्ड संचालित होते हैं। ट्रॉमा सेंटर में एक्स-रे, सोनोग्राफी और एमआरआई जैसी जांच सुविधाएं भी हैं। बिजली की आंख-मिचौली के दौरान डॉक्टरों को अंधेरे में मरीजों का इलाज करना पड़ा था। नर्सों को दवाइयां देने और मरीजों के सैंपल लेने में भी परेशानी हुई थी। अब वैकल्पिक व्यवस्था के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सेवाओं को सुचारू रखने की तैयारी की है।
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ब्लड बैंक-लैब में दो इनवर्टर और सोलर पैनल लगाए:सिविल सर्जन बोले-अस्पताल में लगातार होगी मॉनिटरिंग; जेनरेटर का खराब पैनल दिल्ली भेजा
