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डूंगरपुर नगरपरिषद ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नई पहल की है। इसके तहत 2800 बीपीएल परिवारों को गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग बाल्टियां बांटी। उन्हें कचरा अलग करने के बारे में जागरूक भी किया गया। यह कार्यक्रम सभापति सुशीला गुप्ता की ओर से आयोजित हुआ। इसमें आयुक्त ललित सिंह देथा और पार्षद भी मौजूद रहे। सभापति गुप्ता ने बताया कि घर पर ही कचरा अलग करना स्वच्छ शहर की पहली शर्त है। गीते कचरे से बनता है जैविक खाद
उन्होंने लोगों से रसोई का बचा खाना, सब्जी और फलों के छिलके गीले कचरे की बाल्टी में डालने को कहा। प्लास्टिक, कागज और कांच जैसे सूखे कचरे को अलग बाल्टी में रखने की सलाह दी। डोर-टू-डोर कचरा गाड़ियों में भी अलग डिब्बे होते हैं।
इकट्ठा गीला कचरा ‘भंडारिया’ स्थित प्लांट में भेजा जाता है, जहां इससे जैविक खाद बनती है। सभापति ने नागरिकों से अपील की कि डूंगरपुर को सुंदर बनाने के लिए सबकी भागीदारी जरूरी है।
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डूंगरपुर में 2800 परिवारों को बांटे डस्टबिन:गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग बाल्टियां देकर किया जागरूक
