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हरियाणा के फरीदाबाद में एक जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालक ने एनआईटी से BJP विधायक सतीश फागना के नाम की फर्जी स्टैंप बना ली। लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर भी तैयार कर लिए।इसके बाद लोगों से 800 से 1000 रुपए लेकर विधायक के नाम से वेरिफाई करता रहा। मामला तब पकड़ में आया, जब दस्तावेज तैयार करवाने वाले कुछ लोग इन वेरिफाई कागजात को लेकर विधायक के कार्यालय पहुंचे। दस्तावेज देख कार्यालय प्रभारी को मुहर पर शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। इस पर लोगों ने सीएससी संचालक का नाम बता दिया। इसका पता चलते ही विधायक की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से फर्जी मुहर और लेटरहेड भी बरामद हुए। आज पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। सीएससी संचालक ने कैसे किया ये फर्जीवाड़ा, सिलसिलेवार पढ़िए… सीएससी केंद्र हो चुका बंद, आधार अपडेट कराने लगा पुलिस के अनुसार आरोपी सौरभ करीब पांच साल से पर्वतीय कॉलोनी में सीएससी केंद्र चला रहा था। इसी साल किसी कारण से केंद्र बंद हो गया। इसके बाद उसने आसपास के लोगों के आधार कार्ड बनवाने और उनमें संशोधन कराने का काम शुरू किया। आधार अपडेट के लिए कई दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत पड़ती थी। यहीं से उसने फर्जीवाड़े का रास्ता निकाला। रिमांड में खुलेगा कितने लोगों को बनाया निशाना पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस अब आरोपी से फर्जी लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर तैयार कराने में इस्तेमाल सामान के अलावा कंप्यूटर और अन्य उपकरण बरामद करने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सौरभ ने अकेले यह नेटवर्क खड़ा किया था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। इसलिए आरोपी सौरभ को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पहले भी विधायक के नाम पर सामने आ चुका है ऐसा खेल फरीदाबाद में विधायक के नाम और लेटरहेड के इस्तेमाल से आधार फर्जीवाड़े का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2019 में तिगांव के तत्कालीन विधायक ललित नागर के नाम के फर्जी लेटरहेड और मुहर का इस्तेमाल कर दूसरे राज्यों से आए लोगों के आधार कार्ड बनवाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ था। उस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था।
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BJP विधायक की फर्जी मुहर बना वेरिफाई की 100 फाइलें:फरीदाबाद में CSC संचालक पकड़ा; पत्नी का आधार बनवाते वक्त आया आइडिया
