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हांसी में धान खरीद पर संशय गहराया:एजेंसी के पत्र से हड़कंप, मार्केट कमेटी अध्यक्ष बोले- खरीद रद्द नहीं, कल बैठक के बाद फैसला




हिसार के हांसी अनाज मंडी में शुक्रवार को विधायक विनोद भयाना द्वारा जिस धान की सरकारी बोली शुरू करवाकर खरीद प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया था, शनिवार को उसी धान की खरीद को लेकर भारी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। मंडी में यह चर्चा फैल गई कि धान की सरकारी खरीद को रद्द कर दिया गया है। खरीद बंद होने की खबर सुनते ही मंडी में मौजूद किसानों में हड़कंप मच गया और वे स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे। मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मार्केट कमेटी के अध्यक्ष दिनेश धवन ने बताया कि धान की सरकारी खरीद को कैंसिल नहीं किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि खरीद एजेंसी की ओर से मार्केट कमेटी के सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी को एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें सरकार की हिदायतों के अनुसार मंडी में धान की तुलाई से पहले उसकी ‘पावर पंखे’ से सफाई करवाने की बात कही गई है। इन समस्यायों के चलते दिक्कत कल होगी अधिकारियों के साथ बैठक उन्होंने कहा कि एजेंसी के पत्र के बाद रविवार को अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई गई है। इसमें इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है और नियमानुसार तुलाई व खरीद प्रक्रिया शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसान नेता बोले- ‘किसानों के साथ मजाक बंद करे सरकार’ खरीद प्रक्रिया में आए इस रोड़े से किसान संगठनों में भारी रोष है। किसान नेता दशरथ मलिक ने मामले पर रोष जताते हुए विधायक की बोली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस धान की सरकारी बोली खुद विधायक विनोद भयाना ने शुरू करवाई थी, 24 घंटे के भीतर उसी की खरीद पर सवाल खड़े होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। 25 रुपये बोनस पर कसा तंज सरकार द्वारा धान पर घोषित 25 रुपये प्रति क्विंटल बोनस पर कटाक्ष करते हुए दशरथ मलिक ने कहा कि यदि सरकार को धान खरीद में कोई घाटा हो रहा है, तो किसान अपनी तरफ से 50 रुपये देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार किसानों के साथ ऐसा मजाक बंद करे। उन्होंने मांग की कि प्रशासन व खरीद एजेंसियां तुरंत अपना रुख स्पष्ट करें ताकि मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों को बिना वजह परेशान न होना पड़े।



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