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पंजाब में 108 एंबुलेंस सेवाओं को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अपनी मांगों को लेकर लगातार नजरअंदाज किए जाने से भड़के 108 एंबुलेंस यूनियन के कर्मचारियों ने लुधियाना में सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल से लेकर जगराओं पुल तक एक विशाल रोष प्रदर्शन किया और पंजाब सरकार का पुतला फूंक कर अपना भारी विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि जब पूरा प्रदेश कोरोना महामारी और बाढ़ जैसी भयंकर आपदाओं से जूझ रहा था तब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटियां कीं। हालांकि सरकार ने उन्हें कोरोना वॉरियर का कोई सम्मान देना तो दूर उनकी बुनियादी मांगों को भी पूरी तरह अनसुना कर दिया है। यूनियन का आरोप है कि सरकार उन्हें लंबे समय से सिर्फ झूठे वादे (लारे) दे रही है। वेतन कटौती और झूठे वादों पर बवाल यूनियन नेताओं ने खुलासा किया कि समान काम समान वेतन की उनकी मुख्य मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 2023 में लाडोवाल टोल प्लाजा पर हुए धरने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी सैलरी में 5,000 रुपए की बढ़ोतरी की थी लेकिन जनवरी 2023 में ही वह बढ़ी हुई सैलरी वापस काट ली गई। आज तक चंडीगढ़ के चक्कर काटने के बावजूद वह पैसा बहाल नहीं किया गया है। साथ ही 40,000 रुपए वेतन का जो नया ड्राफ्ट तैयार हुआ था उसे भी बजट का बहाना बनाकर लागू नहीं किया जा रहा है। यूनियन ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार विज्ञापनों और तीर्थ यात्रा बसों पर तो करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन कर्मचारियों के लिए उसके पास बजट नहीं है। पटियाला बंद और चक्का जाम की खुली चेतावनी जगराओं पुल पर पुतला फूंकने के बाद यूनियन ने सरकार को खुली और सख्त चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने अभी भी उनकी बात नहीं मानी तो आने वाले दिनों में पटियाला शहर को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा और स्वास्थ्य मंत्री की कोठी के बाहर पक्का धरना लगाया जाएगा। इसके अलावा पूरे पंजाब में 108 एंबुलेंस सेवा का चक्का जाम कर दिया जाएगा और इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना या जनता को होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ पंजाब सरकार की होगी।
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लुधियाना में एंबुलेंस यूनियन का प्रदर्शन:मांगों को लेकर सरकार का फूंका पुतला; पटियाला बंद और चक्का जाम की चेतावनी
