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दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले चंडीगढ़ के लोगों के लिए विकास कार्यों को लेकर बड़ी खबर है। यूटी प्रशासन ने नगर निगम को अक्टूबर से दिसंबर तक के खर्च के लिए 125 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है। फंड मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों के टेंडर शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि खर्च करने के लिए 2 शर्ते भी तय की है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कई कामों की टेंडर प्रक्रिया करीब एक महीने में शुरू होने की उम्मीद है। इसका सीधा असर शहर के अलग-अलग वार्डों में होने वाले विकास कार्यों पर पड़ सकता है। हाल ही में हुई हाउस बैठक में भी कई वार्डों के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी। अब इन कामों के लिए फंड उपलब्ध होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। चुनाव से पहले वार्डों में दिख सकते हैं विकास कार्य दिसंबर में निगम चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव से पहले जिन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, उनकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होना अहम है। टेंडर होने के बाद सड़क, पार्क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य स्थानीय स्तर के काम आगे बढ़ सकेंगे। हालांकि, किसी काम का पूरा होना उसकी टेंडर प्रक्रिया और काम की अवधि पर निर्भर करेगा। खर्च करने के लिए यह शर्ते भी तय की है मंजूर काम पर ही खर्च होगी राशि: ग्रांट का इस्तेमाल उसी काम के लिए करना होगा, जिसके लिए राशि मंजूर की गई है। काम पूरा होने पर प्रमाण पत्र: नगर निगम को पूरे किए गए कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रशासन को देने होंगे। बची राशि लौटानी होगी: चालू वित्तीय वर्ष में ग्रांट की कोई राशि खर्च नहीं होती है तो उसे प्रशासन को वापस करना होगा। संपत्ति बेचने या दूसरे काम में लगाने के लिए अनुमति जरूरी: ग्रांट से खरीदी गई संपत्ति को प्रशासन की अनुमति के बिना बेचा या दूसरे काम में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
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चंडीगढ़ MC को 125 करोड़ की ग्रांट:दिसंबर में चुनाव से पहले प्रशासन ने 5 शर्तें कीं तय; पहले ही रिजर्व हो चुके वार्ड
