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पानीपत स्थित TDI सिटी (सेक्टर 38-39) की रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी में लंबे समय से चले आ रहे गवर्निंग बॉडी, सदस्यता विवाद और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर जिला रजिस्ट्रार (फर्म्स एंड सोसाइटीज) सतीश कुमार ने अंतिम आदेश जारी कर दिया है। राज्य रजिस्ट्रार के निर्देशानुसार दोनों पक्षों (याचिकाकर्ता पुरुषोत्तम वत्स, सुनील छिंदा आदि बनाम RWS TDI पानीपत) को सुनने और साक्ष्यों की गहन जांच के बाद जिला रजिस्ट्रार ने कई अहम फैसले सुनाए हैं। गैर-कानूनी ‘चेयरमैन’ पद तुरंत प्रभाव से निरस्त याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह को नियमों के खिलाफ सोसाइटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए जिला रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसाइटीज (HRRS) एक्ट 2012 तथा RWA के आधिकारिक बायलॉज में चेयरमैन के पद का कोई प्रावधान ही नहीं है। लिहाजा, शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से चेयरमैन के पद से हटा दिया गया है। 2000 से अधिक मकानों की सोसाइटी में चलेगा पारदर्शी सदस्यता अभियान आदेश में टिप्पणी की गई कि TDI सिटी में 2,000 से अधिक रिहायशी इकाइयां हैं, लेकिन इतने बड़े क्षेत्र की RWA में सदस्यता बेहद सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह गई थी। गवर्निंग बॉडी को निर्देश दिया गया है कि वे सोसाइटी के सभी निवासी मकान मालिकों को सदस्य बनने का समान अवसर देने के लिए व्यापक स्तर पर ड्राइव चलाएं। बायलॉज और रूल्स के तहत किसी भी सदस्य की फीस कैश (नकद) में नहीं ली जाएगी। सभी भुगतान केवल बैंक चेक, ड्राफ्ट या ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। खाली पड़े पदों पर होंगे दोबारा चुनाव, बायलॉज संशोधन के निर्देश जिला रजिस्ट्रार ने गवर्निंग बॉडी को निर्देश दिया है कि वर्तमान में खाली चल रहे पदों- जैसे सचिव, उपाध्यक्ष, सह-सचिव और कार्यकारिणी सदस्यों के पदों को HRRS एक्ट और बायलॉज के तहत पारदर्शी चुनाव कराकर भरा जाए। एक ही संपत्ति पर दोहरी सदस्यता, प्लॉट/मकान बेचने के बाद सदस्यता खत्म करने और परिजनों के नाम संपत्ति होने जैसे विवादों को स्थायी रूप से हल करने के लिए सोसाइटी अपनी आम सभा (AGM) में बायलॉज संशोधन का प्रस्ताव लाए। ₹1,23,675 के वित्तीय लेनदेन का होगा विशेष ऑडिट पिछली कार्यकारिणी के कार्यकाल के दौरान सामने आए 1,23,675 रुपए के अनअकाउंटेड (बिना हिसाब-किताब के) वित्तीय लेनदेन और मिसिंग बैंंक बिलों के मामले पर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। जिला रजिस्ट्रार ने निर्देश दिया है कि इस राशि का विशेष ऑडिट किसी स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कराया जाए। शर्त यह रहेगी कि CA गवर्निंग बॉडी या किसी भी पूर्व/वर्तमान पदाधिकारी का रिश्तेदार न हो। इस विशेष ऑडिट का खर्च याचिकाकर्ता (सुनील छिंदा, विनोद टंडन, यश गर्ग) समान अनुपात में वहन करेंगे। पारदर्शिता और रिकॉर्ड मेंटेनेंस पर सख्त हिदायत जिला रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि RWA के कार्यवाही रजिस्टर, खातों की किताबें और सदस्य रजिस्टर को हमेशा अपडेट रखा जाए और व्यावसायिक घंटों के दौरान सदस्यों की पहुंच में रखा जाए। इसके अतिरिक्त, वार्षिक रिटर्न और वित्तीय विवरणों को साधारण सभा (AGM) से विधिवत पास कराकर ही विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दोबारा जमा कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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पानीपत में TDI सिटी RWA विवाद:जिला रजिस्ट्रार ने सुनाया बड़ा फैसला चेयरमैन का पद निरस्त; नए सिरे से सदस्यता अभियान और ऑडिट के कड़े निर्देश
